हरतालिका तीज व्रत बुधवार (12 सितंबर) को है। सुयोग्य वर और पति की दीर्घायु के लिए ये निर्जला व्रत रखा जाता है। तिवारी, त्रिपाठी और पांडेय आदि में रक्षा सूत्र भी बांधा जाता है। इसमें श्रृंगार सामग्री का विशेष महत्व होता है।
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हरतालिका तीज
ये व्रत कन्याएं और विवाहित महिलाएं दोनों ही रख सकती हैं। व्रत में भगवान शिव और पार्वती की पूजा की जाती है। आचार्य अजय गौड़ और आचार्य सत्येंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि जो व्रत न कर सके, वह मन में व्रत धारण कर उसका पालन करें। व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय से पहले भगवान शिव के अर्घ्य को जल देने के बाद ही होता है। इसके बाद सबसे पहले मीठा खाया जाता है।
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ये है मान्यता
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हरतालिका तीज
मां पार्वती ने भगवान शिव की प्राप्ति के लिए भाद्रपद मास की तृतीया को हस्त नक्षत्र में निर्जला पूजन किया था। ताकि हर जन्म में उन्हें पति के रूप में शिव की प्राप्ति हो। इसी आकांक्षा के साथ हिमालय पर रह कर पूजन किया था।
तीज व्रत रखने वाली महिलाएं भूलकर भी न करें ये गलती
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हरतालिका तीज
- हरतालिका तीज व्रत व पूजन करने वाली महिलाअों को इस दिन क्रोध करने से बचना चाहिए।
- तीज व्रत रखने वाली महिलाअों को रात में सोना नहीं चाहिए। महिलाअों को रात भर ईश्वर का ध्यान व भजन करना चाहिए।
- तीज व्रत रखने वाली महिलाअों को बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए।