घर के दरवाजे अलग-अलग जरूर हैं लेकिन सभी एक ही परिवार की तरह रहते हैं। अमर उजाला की विशेष प्रस्तुति ‘अपार्टमेन्ट की दुनिया’ में आज हम आपको ले जा रहे हैं कानपुर खलासी लाइन स्थित आनंद पैलेस अपार्टमेन्ट में। महानगर में डेढ़ दशक पहले अनंद पैलेस अपार्टमेन्ट में लोगों ने बसना शुरू कर दिया था। सुरक्षा और वातावरण के लिहाज से सबसे बेहतर माने जाने वाले आनंद पैलेस में 42 फ्लैट बने हैं सभी थ्री बीएचके हैं।
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साल 2003 में खलासी लाइन में आनंद पैलेस अपार्टमेन्ट बनकर तैयार हो गया था। इसी साल लोगों ने पजेशन लेकर यहां रहना शुरू कर दिया। आनंद पैलेस की फूलों की होली पूरे कानपुर में मशहूर है। दूसरे अपार्टमेन्ट के लोगो भी यहां फूलों की होली का आयोजन देखने आते हैं। इस अपार्टमेन्ट में अधिकतर व्यापारी वर्ग के लोग ही रह रहे हैं।
सभी सुविधाओं से लैस है हमारा अपार्टमेन्ट
आनंद पैलेसे अपार्टमेन्ट में रहने वाले लोग
आनंद पैलेस रेजिडेंशियल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन तोषनीवाल ने बताया कि आनंद पैलेस ऐसी मल्टीस्टोरी अपार्टमेन्ट सोसाइटी है जहां हर दवाजा, हर खिड़की पड़ोसी की एक आहट पर खुल जाता है। यहां रहने वाले सभी लोग एक दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं। 24 घंटे बिजली, पानी, सिक्योरिटी, जिम, क्लब, गार्डन सहित तमाम सुविधाओं से लैस आनंद पैलेस में रहने वाले सैकड़ों लोग हर त्योहार परिवार की तरह ही मनाते हैं। सभी एक दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं सभी सोशल लाइफ जीते हैं। पूरा अपार्टमेन्ट सीसीटीवी कैमरे से लैस होने की वजह से हर एक गतिविधि पर कैमरे की नजर रहती है।
तमाम परेशानियों से मुक्ति दिला देता बना बनाया फ्लैट
आनंद पैलेस अपार्टमेन्ट में रहने वाले लोग
एसपी शुक्ला (प्रॉपर्टी डीलर) ने बताया कि मौजूदा दौर में लोग अपने कामकाज में अधिक व्यस्त होते हैं। महंगाई भी बड़ा कारक है। बना बनाया फ्लैट तमाम परेशानियों से मुक्ति दिला देता है। चंद्रप्रकाश महेश्वरी (प्रॉपर्टी कंसल्टेंट) ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से ये सबसे बेहतर है, क्योंकि यहां सुरक्षा के सारे इंतजाम तो होते हैं ही, साथ ही आसपास लोगों का बड़ा समूह होने से भी सुरक्षा का भाव बना रहता है। मोहित अग्रवाल (इंडस्ट्रलिस्ट) ने कहा कि यहां जितने भी परिवार हैं सभी एक साथ मिल-जुलकर संयुक्त परिवार (ज्वाइंट फैमिली) की तरह रहते हैं और एक दूसरे के सुख-दुख में हमेशा शरीक होते हैं। वरुण टिबरेवाल (बिजनेस मैन) ने कहा कि मौका होली-दिवाली का हो या ईद का। हम सभी एक परिवार की तरह त्योहार मनाते हैं। सांस्कृतिक तालमेल और आपसी प्रेम आनंद पैलेस की सबसे बड़ी विशेषता है। नितिन अग्रवाल (बिजनेस मैन) ने कहा कि यहां सालों से हर तीज त्योहार बेहद उल्लास के साथ मनाया जाता है। अनूप खंडेलवाल (इंडस्ट्रलिस्ट) ने बताया कि अपार्टमेन्ट में रहने का सबसे बड़ा कारण एक ही छत के नीचे 24 घंटे सभी सुविधाएं मिलना है। यहां सभी की जरूरतों और सुख दुख का ख्याल रखा जाता है। रमेश चंद्र चौरसिया (व्यापारी) इस अपार्टमेन्ट को बने कई साल हो चुके हैं। लेकिन 2003 में यहां के फ्लैटों में लोगों ने रहना शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि पूरे अपार्टमेन्ट के लोग इतना जुड़े हुए हैं कि पूरा अपार्टमेन्ट ही परिवार होने का एहसास देता है। महिलाएं ही यहां सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्मों का आयोजन कराती हैं। नवरात्र, होली, दीपावली, रक्षा बंधन में यहां विशेष सजावट होती है।
अपार्टमेन्ट में रह रहे शहर के कुछ खास लोग
सुरेंद्र मोहन अग्रवाल (वरिष्ठ सपा नेता)
डॉ. निर्भय कुमार (शहर के जाने-माने नेफ्रोलॉजिस्ट)
दिनेश चंद्र शुक्ला (यूपी के टॉप मोस्ट सीए)
प्रदीप अग्रवाल (वरिष्ठ अभिवक्ता)
आरसी दुबे (डिप्टी कमिश्नर स्टेट जीएसटी)
आनंद पैलेस रेजीडेंशियल एसोसिएशन के बारे में...
पवन तोषनीवाल, अध्यक्ष
नितिन अग्रवाल, सचिव
जीपी वर्मा, कोषाध्यक्ष
सोसाइटी के कार्यकारिणी सदस्य - प्रदीप अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, विनय गुप्ता, दिनेश चंद्र शुक्ला, अनूप खंडेलवाल