कानपुर देहात। किशोरी से दुष्कर्म व अपहरण के मामले में बंद आरोपी ने जिला कारागार की पूर्व में बनी खाली पड़ी कोरोना बैरक के जिंगले में गमछे के सहारे फांसी लगा ली। जेल कर्मी उसे जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डॉक्टर ने बंदी को मृत घोषित कर दिया।
शिवली कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी समर बहादुर उर्फ श्यामजी (24) किशोरी से दुष्कर्म व अपहरण के मामले में 20 मार्च 2021 से माती जिला जेल मेें बंद था। शुक्रवार शाम उसने पूर्व के दौरान जेल में बनाई गई खाली पड़ी बैरक के बाहर जिंगले में गमछे के सहारे फांसी लगा ली। उसे फंदे पर लटकता देख जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल कर्मी उसे लेकर अकबरपुर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां परीक्षण के बाद ईएमओ ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंचे भाई व अन्य परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जेलर कुश कुमार ने बताया कि मृतक बंदी कई दिनों से परेशान चल रहा था। उसने कोरोना आइसोलेशन के लिए पूर्व में बनाई गई खाली पड़ी बैरक में फांसी लगाई है। अकबरपुर कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि बंदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा गया है। मृतक के परिजनों को सूचना दी गई है।
प्रेमिका की मौत पर अवसाद में था बंदी
कानपुर देहात। शिवली क्षेत्र के औनहां चौकी के एक गांव की रहने वाली किशोरी से मृतक बंदी का प्रेम प्रसंग था। उसके परिजनों ने अपहरण व दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उधर, किशोरी ने 28 मार्च को घर में छत की धन्नी के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी थी। इसकी जानकारी जेल में बंद समर बहादुर को हो गई थी। जिसके बाद से वह अवसाद में था और कई दिनों से गुमसुम चल रहा था। जेलर कुश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया बंदी द्वारा प्रेमिका की मौत पर अवसाद के चलते फांसी लगाकर जान देने की बात सामने आई है।