कानपुर। हथकरघा हमारी सांस्कृतिक धरोहर के साथ लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। प्रदेश सरकार बुनकरों के हितों की रक्षा और हथकरघा उद्योग के संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। बुनकरों के उत्पाद निर्यात हो रहे हैं। यह बातें कैबिनेट मंत्री ने राकेश सचान ने गुरुवार को मर्चेंट चैंबर हॉल में आयोजित 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। इस दौरान उन्होंने कानपुर समेत 13 जिलों के 39 बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरदोई-उन्नाव के बीच 1000 एकड़ में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है। शहर की बंद कपड़ा मिलों को चलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कानपुर के वसीक, इम्तियाज अहमद, साजियाबानों के अलावा अयोध्या, अलीगढ़, इटावा, गोरखपुर, झांसी, प्रयागराज, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, मऊ, लखनऊ और वाराणसी के उत्कृष्ट बुनकरों को सम्मानित किया। इस दौरान हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें साड़ियां, ड्रेस मटेरियल, कवर, दरी, टेबल कवर और बेडशीट जैसे उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। शाम को फैशन शो हुआ जिसमें मॉडलों ने कैटवॉक कर हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का निर्देशन आईएफएफटीसी सिलिगुड़ी पश्चिम बंगाल के निदेशक कुतलिन दास ने किया। यहां पर उपायुक्त प्रवर्तन पीसी ठाकुर, उपनिबंधक उत्तीर्णवीर सिंह, सहायक निबंधक कुसुम, सुधीर सानिया कुमार, दीपांकर कश्यप, सुरेश गुप्ता, तुषार बाजपेई, नसीम अख्तर, गुलाब सिंह, अशरफ अंसारी, वरुण गुप्ता आदि थे।