स्टाफ मौके से भाग गया और उल्टा धमकी देने लगा
हादसे के बाद फूल सिंह काफी देर तक सड़क पर पड़े तड़पते रहे। राहगीरों की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पास ही खदान के कांटे पर जाकर घायल को अस्पताल भेजने के लिए वाहन मांगा, लेकिन आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद वहां मौजूद कर्मियों ने न तो अपनी गाड़ी उपलब्ध कराई और न ही कोई मदद की। ग्रामीणों का कहना है कि स्टाफ मौके से भाग गया और उल्टा धमकी देने लगा।
खदान संचालकों की लापरवाही से हुई मौत
इसके बाद ग्रामीणों ने निजी साधन (लोडर) से घायल को सीएचसी सरीला पहुंचाया, जहां समय पर उपचार न मिलने के चलते उपचार के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर मदद मिल जाती, तो फूल सिंह की जान बच सकती थी। उनका आरोप है कि खदान संचालकों की लापरवाही और अमानवीय रवैये के कारण यह मौत हुई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक फूल सिंह पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके परिवार में पत्नी सुशीला, एक पुत्र रमाकांत और दो विवाहित पुत्रियां हैं। घटना के बाद पत्नी सुशीला का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के नाम करीब 12 बीघा जमीन बताई गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के पास बेतवा नदी क्षेत्र में 25/25 खंड सहित कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर मोरम खनन हो रहा है।
विरोध करने पर मारपीट और दी जाती है धमकी
जलधारा रोककर खनन किया जा रहा है और किसानों की निजी भूमि के साथ-साथ वन विभाग की भूमि से भी अवैध निकासी हो रही है। उनका कहना है कि रात में भी खनन जारी रहता है और दो जालौन व दो हमीरपुर जिले के लोग बंदूक लेकर तैनात रहते हैं। विरोध करने पर मारपीट और धमकी दी जाती है। एक युवक द्वारा वीडियो बनाने की कोशिश करने पर उसे भी पीटकर अधमरा कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
जरिया थाना प्रभारी दिनेश पांडे ने बताया कि घटना की स्पष्ट जानकारी अभी नहीं मिल सकी है। मौत के कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। अभी तक वाहन और चालक की पहचान नहीं हो पाई है और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। क्षेत्राधिकारी साहरुख खान ने कहा कि घटना ट्रक से हुई है। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।