इसमें बताया था कि पांच अप्रैल 2017 को उनकी 12 वर्षीय पुत्री बकरी चराने खेत पर गई थी। आरोप था कि गांव के सुनील धोबी ने अरविंद उर्फ मिथुन व मनफूलन के साथ शराब के नशे में किशोरी को पकड़ लिया, उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर अरहर के खेत में ले गए और कपड़े उतारने का प्रयास किया। खेत में मौजूद लोगों के पहुंचने पर आरोपी मौके से भाग निकले थे।
कुरारा पुलिस ने आठ अप्रैल को उक्त मामले की प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने विवेचना के दौरान अरविंद उर्फ मिथुन व मनफूलन पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। सुनील धोबी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। पीड़िता के बयान के आधार पर सुनवाई के दौरान अदालत ने अरविंद उर्फ मिथुन व मनफूलन को भी धारा 319 के तहत तलब किया था।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने साक्ष्यों, गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया। सुनील धोबी को दोषी मानते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, इसी के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं अरविंद उर्फ मिथुन व मनफूलन को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।