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पुल का स्लैब और बेयरिंग भी सुरक्षित हैं
पुराने ज्वाइंट हटाकर नए लगाए जाएंगे। इसके बाद वेल्डिंग, फिटिंग और कंक्रीट का काम होगा। मरम्मत पर करीब पांच लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। गौरव आनंद ने बताया कि तकनीकी जांच में पुल के अन्य ज्वाइंट में खराबी नहीं मिली है। पुल का स्लैब और बेयरिंग भी सुरक्षित हैं। उन्होंने पुल पर लगे पुराने पीडब्ल्यूडी बोर्ड का हवाला देते हुए कहा कि उस पर 20 टन से अधिक भार वाले वाहनों के लिए पुल सुरक्षित नहीं होने का उल्लेख है।
20 अक्टूबर तक दोनों लेन खोलने का लक्ष्य
गौरव आनंद ने बताया कि मरम्मत कार्य रात-दिन कराया जा रहा है। दोनों ज्वाइंट बदलने और कंक्रीट को मजबूती मिलने में करीब एक सप्ताह लगने का अनुमान है। 20 अक्टूबर की सुबह दोनों लेन पर यातायात शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। तब तक एक लेन से ही दोनों तरफ के वाहनों को निकाला जाएगा। सीओ ट्रैफिक मंजू पांडेय ने बताया कि पुल पर एक लेन से यातायात संचालित कराया जा रहा है।
समानांतर पुल तैयार, एप्रोच मार्ग अधूरा
दोनों सिरों और बीच में पुलिसकर्मी तैनात हैं। सब इंस्पेक्टर, एटीआई और टीएसआई यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। वाहनों को बारी-बारी निकालकर जाम नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। बेतवा पुल के समानांतर नया पुल तैयार होने के बावजूद उस पर यातायात शुरू नहीं हुआ है। एप्रोच मार्ग अधूरा होने के कारण वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। पुराने पुल की एक लेन बंद होने से यातायात का दबाव बढ़ गया है। नए पुल पर आवागमन शुरू होने की तारीख भी स्पष्ट नहीं है।
राहगीर बोले, हाईवे चौड़ा होने पर ही मिलेगी राहत
कानपुर से ट्रेन से भरुआ उतरकर हमीरपुर की ओर जा रहे राहगीर अरविंद कुमार ने बताया कि जाम के कारण उन्हें करीब तीन से चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। उन्होंने कहा कि बेतवा और यमुना पुल पर बार-बार जाम लगता है। समानांतर पुल चालू होने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन हाईवे का चौड़ीकरण होने पर ही समस्या का स्थायी समाधान संभव है। फिलहाल मरम्मत पूरी होने तक पुराने पुल पर यातायात प्रभावित रहने की आशंका है। दोनों लेन 20 अक्टूबर की सुबह खोलने का लक्ष्य रखा गया है।