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10 से 15 लोगों ने मारपीट की
जांच और ईसीजी के दौरान युवक की मौत की पुष्टि हो गई। आरोप है कि मौत की जानकारी मिलते ही तीमारदार उग्र हो गए। उन्होंने इमरजेंसी में हंगामा शुरू कर दिया। डॉ. महेंद्र कुमार सिंह की ओर से सदर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि करीब 10 से 15 लोगों ने उनके साथ मारपीट की। सोने की चेन, अंगूठी और घड़ी लूट ली गई। इमरजेंसी में तोड़फोड़ की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। तहरीर के अनुसार स्टाफ नर्स विपिन का ईसीजी मशीन के तार से गला दबाने का प्रयास किया गया।
इमरजेंसी वार्ड में मच गई अफरा-तफरी
बचाने पहुंचे गार्ड और अन्य स्टाफ के साथ भी मारपीट की गई। घटना से इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और भर्ती मरीज व तीमारदार दहशत में आ गए। घटना के बाद जिला अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी सदर कोतवाली पहुंच गए। चिकित्सकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग उठाई। काफी देर तक पुलिस अधिकारियों और चिकित्सकों के बीच वार्ता चलती रही।
डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा
विरोध के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। ओपीडी में डॉक्टर नहीं पहुंचे, जिससे इलाज कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवा संचालित होती रही। अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि मंगलवार तड़के जिला अस्पताल में एक मरीज लाया गया था। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धक्का-मुक्की की। मामले में तहरीर प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।