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हमीरपुर सामूहिक हत्याकांड: सजायाफ्ता रुक्कू की अपील हाईकोर्ट से खारिज

Sat, 25 May 2019 11:59 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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डेमो पिक - फोटो : गूगल
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यूपी में हमीरपुर जिले के सामूहिक हत्याकांड मामले में पिछले दो साल से उम्रकैद की सजा काट रहे रुक्कू की अपील को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। उसे निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसी मामले में भाजपा विधायक अशोक चंदेल समेत अन्य आठ सजायाफ्ता जिला कारागार में बंद हैं।
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करीब 22 साल पहले मुख्यालय के सुभाष बाजार मोहल्ले में हुए सामूहिक हत्याकांड में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत पांच की हत्या हुई थी। इस मामले में भाजपा के सदर विधायक अशोक चंदेल, नसीम खां, रघुवीर सिंह उनके पुत्र आशुतोष सिंह डब्बू, उत्तम सिंह, प्रदीप सिंह, साहब सिंह, झंडू सिंह, श्याम सिंह, रूक्कू, भानसिंह व सरकारी गनर रामबाबू के खिलाफ पीड़ित राजीव शुक्ला ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने विवेचना के दौरान सरकारी गनर का नाम हटाने के बाद सभी 11 लोगों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। तब निचली अदालत ने विधायक समेत 10 आरोपी बरी कर दिए थे। वहीं 11वें फरार अभियुक्त रुक्कू पुत्र हिसामुद्दीन ने 12 मई 2003 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। निचली अदालत ने इसे 12 अप्रैल 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई था। रुक्कू ने सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय प्रयागराज में क्रिमिनल अपील संख्या 2617-17 दायर की। पिछले 14 फरवरी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर आदेश को सुरक्षित कर लिया था।
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शुक्रवार को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति डीके सिंह की कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए सत्र न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है। अभियुक्त रुक्कू 12 मई 2003 से जिला कारागार में बंद है। सत्र न्यायालय के वादी के अधिवक्ता निषेंद्र सिंह व राज्य सरकार की ओर से विशेष अधिवक्ता फूलसिंह कुशवाहा ने पैरवी की थी।

उच्च न्यायालय प्रयागराज में वादी की ओर से राजीव लोचन शुक्ला एडवोकेट ने अपील पर बहस व पैरवी की। मामले में विधायक समेत आठ को 19 अप्रैल को उच्च न्यायालय की ओर से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद से सभी जिला कारागार में निरुद्ध हैं। एक अन्य श्यामसिंह का वारंट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पिछले दिनों सेंट्रल जेल नैनी भेजा था, जिसका सत्र न्यायालय में शनिवार तक कोई जवाब नहीं आया है।
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