उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में काफी समय बाद मंगलवार को फिर शहर से निकली यमुना नदी में एक अधजला शव उतराता दिखा। लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का नगर पालिका कर्मियों की मदद से अंतिम संस्कार कराया।
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कोरोना महामारी के दौरान अधिकांश लोग शवों को नदियों में जल प्रवाहित कर उनका अंतिम संस्कार कर रहे थे। जिससे इनकी संख्या में खासा इजाफा हुआ था। नदियों में शवों के जल प्रवाहित किए जाने पर रोक लगाने और नदियों की निगरानी के लिए एसडीआरएफ को लगाया गया था।
मई में एसडीआरएफ की टीम शहर में दो सप्ताह तक डेरा जमाए रही और यमुना और बेतवा नदियों में मोटरबोट से गश्त की। इस दौरान टीम ने अलग-अलग दिनों करीब सात अधजले शवों को बरामद कर उनका अंतिम संस्कार कराया। इधर कोरोना महामारी की रफ्तार धीमी पड़ने पर एसडीआरएफ की टीम भी चली गई।
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अभी तक सब ठीक चल रहा था। मंगलवार को मेरापुर में बने आश्रम के किनारे यमुना नदी में एक शव उतराता नजर आया। लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। जिस पर दरोगा मनोज पांडेय मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नगर पालिका कर्मियों की मदद से नदी किनारे अंतिम संस्कार करवा दिया। कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला ने बताया एक अधेड़ पुरुष का अधजला शव को नदी उस पार से बहकर इस ओर आ गया था। बताया शव का अंतिम संस्कार करवाया गया है।