अभियोजन के अनुसार घटना 29 मार्च 2018 की है, जब पीड़िता घर में अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान पिता ने उसके साथ जबरदस्ती कर यौन उत्पीड़न किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के समय मां खेत पर गई थी और भाई घर से बाहर था। डर के कारण पीड़िता तत्काल शिकायत नहीं कर सकी और करीब 10 दिन बाद 9 अप्रैल 2018 को थाना पुलिस को लिखित तहरीर दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी से जुड़े साक्ष्य एकत्र कर विधि प्रयोगशाला भेजे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित धाराओं में वृद्धि की गई। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अदालत में गवाहों के बयान, मेडिकल साक्ष्य और अन्य प्रमाणों को महत्वपूर्ण माना गया। पीड़िता की मां ने भी अदालत में बेटी का साथ दिया और बयान दर्ज कराए। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।