फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hair Transplant Case: डॉ. अनुष्का का छह घंटे का पुलिस को मिला कस्टडी रिमांड

Tue, 03 Jun 2025 11:15 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पुलिस हेयर ट्रांसप्लांट में इस्तेमाल औजारों की बरामदगी का प्रयास करेगी। कोर्ट में डॉ. अनुष्का ने इंपायर क्लीनिक में औजार होने की बात कही थी।
विज्ञापन
कोर्ट पहुंची डॉ. अनुष्का - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान सहायक इंजीनियर की मौत के मामले में जेल में बंद डॉ. अनुष्का का कोर्ट से छह घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड विवेचक को मिल गया है। स्पेशल सीजेएम कुमुदलता त्रिपाठी ने बुधवार की सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक डॉ. अनुष्का को पुलिस कस्टडी में देने के निर्देश दे दिए हैं। पुलिस ट्रांसप्लांटेशन में इस्तेमाल किए गए औजारों की बरामदगी के प्रयास करेगी। अनुष्का को कोर्ट में भी तलब किया गया था।

विज्ञापन


रावतपुर पुलिस ने पनकी पावर हाउस की ऑफीसर्स कालोनी निवासी जया त्रिपाठी की तहरीर पर नाै मई को डॉ. अनुष्का के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। डॉ. अनुष्का पर आरोप है कि उन्होंने जया के पति पनकी पावर हाउस में सहायक अभियंता विनीत कुमार दुबे का अपने इंपायर क्लीनिक में हेयर ट्रांसप्लांट किया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद डॉ. अनुष्का फरार हो गईं थीं। दबाव बढ़ता देख सीजेएम कोर्ट में 26 मई को समर्पण कर दिया था।

कोर्ट में डॉ. अनुष्का ने ट्रांसप्लांटेशन के लिए इस्तेमाल किए गए उपकरण व अन्य सामान केशवपुरम स्थित उनके इंपायर क्लीनिक में होने की बात कही थी। इसी बयान के आधार पर विवेचक ने 31 मई को कोर्ट में अर्जी देकर डॉ. अनुष्का का 15 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा था। इस पर अनुष्का के अधिवक्ता की ओर से लिखित आपत्ति जताई गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने डॉ. अनुष्का का छह घंटे का सशर्त पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने यह लगाईं शर्तें
1- रिमांड पर लेते समय और जेल दाखिला करते समय विवेचक डॉ. अनुष्का का चिकित्सीय परीक्षण कराएगा।
2- जेल दाखिले से पहले जेल अधीक्षक पुष्टि करेंगे कि डॉ. अनुष्का को कोई शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना नहीं दी गई।
3- रिमांड अवधि के दौरान डॉ. अनुष्का के अधिवक्ता चाहें तो उचित दूरी पर रह सकेंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें