महिलाओं और लड़कियों की चोटियां काटे जाने की घटना को कानपुर शहर के मुफ्ती मुमताज आलम मिस्बाही ने औरतों और लड़कियों के गुनाहों का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा है कि लड़कियां दुनियादारी में मस्त हैं। बेपर्दा खुलेमाम बाजारों में टहलना, सिर को बिना ढके बालों को खोलकर नुमाइश करने का नतीजा है। यह सब उन महिलाओं के लिए सबक है।