कानपुर। फ्लाइट का इंतजार कर रहे कोकाकोला के सेल्स जोनल हेड की लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात तबीयत बिगड़ने के बाद लोक बंधु अस्पताल मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को कल्याणपुर स्थित उनके घर लाया गया। परिजनों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी पर लापरवाही के आरोप लगाए है। बड़े भाई ने कहा कि एयरपोर्ट पर इलाज मिलता तो भाई की मौत नहीं होती।
कल्याणपुर के आवास विकास तीन निवासी अनूप कुमार पांडे पत्नी पूजा, पुत्री श्रेया और पुत्र पारस के साथ बंगलूरू में रहते थे। वहीं पर वह कोकाकोला कंपनी में बतौर सेल्स जोनल हेड के पद पर कार्यरत थे। पांच दिन पहले वह किसी रिश्तेदार की तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए कानपुर आए थे। शुक्रवार रात साढ़े दस बजे उनकी लखनऊ एयरपोर्ट से दिल्ली होते हुए बंगलूरू की फ्लाइट थी। दिल्ली के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट लखनऊ से पकड़नी थी। वह शुक्रवार शाम पांच बजे कानपुर से निकले थे। रात नौ बजे बंगलूरू से पत्नी पूजा ने उनसे बात की तो उन्होंने लखनऊ में फ्लाइट का इंतजार करने की बात कही। रात 11 बजे फिर पत्नी पूजा ने जब फोन किया तो उनके निधन की जानकारी हुई।
पत्नी ने घटना की जानकारी कानपुर निवासी जेठ अधिवक्ता अनिल पांडे को दी। अनिल ने बताया कि एयरपोर्ट में अथाॅरिटी ने बताया कि अनूप को हार्टअटैक पड़ा था और लोकबंधु अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट में डाॅक्टर की व्यवस्था होती तो शायद उनके भाई की जान बच जाती। शव के कानपुर पहुंचते ही पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।
अनूप कुमार की 17 वर्षीय बेटी श्रेया 11वीं की छात्रा है जबकि बेटा पारस हाईस्कूल का छात्र है। बेटे की प्री बोर्ड की परीक्षाएं चल रही है जिसे वह छोड़कर पिता के अंतिम दर्शन के लिए मां और बहन के साथ कानपुर पहुंचा। शव देखकर बेटी श्रेया फफक पड़ी और शव से लिपट गई।