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Kanpur: महाकुंभ के डिजिटल तंत्र पर अटैक कर रहे हैकर्स, आईआईटी कर रहा निगरानी…रिव्यू बुक कर रहे हैं तैयार

Sun, 19 Jan 2025 12:18 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने बताया कि साइबर हैकर्स किसी भी वेबसाइट के मुख्य तंत्र में प्रवेश कर उसे हैक कर लेते हैं। हैकर्स डाटा को चुराने के साथ इसे बदल या नष्ट कर सकते हैं। महाकुंभ के दौरान भी कई नई वेबसाइट, एप लांच किए गए हैं। सूचनाओं को लेकर कई तरह के एप संचालित हैं।
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iit kanpur - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ साइबर अटैकर्स के निशाने पर है। डिजिटली संचालित हो रहे महाकुंभ में 24 घंटे साइबर अटैक हो रहे हैं। इसके लिए आईआईटी कानपुर की टीम लगातार डिजिटली मॉनीटरिंग कर रही है। खामियां मिलने पर सुरक्षा टीम को निर्देश भी दे रही है। यहां पर सुरक्षा में लगे कैमरों से डाटा ट्रांसफर होने की आशंका है। संस्थान की टीम इस पर नजर रखे है।

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इस महाकुंभ में डिजिटली अधिक काम हुआ है। क्राउड मैनेजमेंट वेबसाइट, एप, सुरक्षा के अलावा सूचना के आदान-प्रदान में भी डिजिटल व्यवस्था लागू है। इसके बाद से देश-विदेश के हैकर्स सक्रिय हो गए है। वह लगातार सूचना तंत्र, महाकुंभ से जुड़ी वेबसाइट और एप पर अटैक कर रहे हैं। हालांकि, महाकुंभ में लगी साइबर एक्सपर्ट की टीम इस पर नजर रखे हुए है। 24 घंटे हो रहे अटैक को जवाब देते हुए सुरक्षा बनाए हुए है।

डिजिटल सुरक्षा टीम के साथ मिलकर काम कर रहा है आईआईटी
आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि जब भी इतने बड़े आयोजन होते हैं, तो साइबर अटैकर्स सक्रिय हो जाते हैं। इसको देखते हुए आईआईटी कानपुर यूपी सरकार के साथ मिलकर डिजिटल रिव्यू कर रहा है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का आकलन कर जो भी गड़बड़ी है, उसे ठीक किया जा रहा है। इसके लिए प्रयागराज में लगी डिजिटल सुरक्षा टीम के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

रिव्यू बुक भी कर रहे हैं तैयार
आईआईटी में हुई शनिवार को प्रेसवार्ता में प्रो. बिमल कुमार, प्रो. अजीत चतुर्वेदी, प्रो. मुनमुन झा ने बताया कि वह मिलकर रिव्यू बुक तैयार कर रहे हैं। इस बुक की मदद से आने वाले कुंभ की तैयारी की जाएगी। इस बार भी 20 फैकल्टी, 50 छात्र कई पोस्ट डॉक्टरल टीम का रिव्यू करके एक बुक तैयार कर रहे हैं। प्रोफेसरों ने बताया कि महाकुंभ में प्रयोग किए जा रहे कैमरे, मोबाइल भी बैक डोर से डाटा को ट्रांसफर करने का काम करते हैं। कैमरों से डाटा ट्रांसफर होने की आशंका पर इनमें बदलाव किया जा सकता है।

ऐसे करते हैं अटैक
साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने बताया कि साइबर हैकर्स किसी भी वेबसाइट के मुख्य तंत्र में प्रवेश कर उसे हैक कर लेते हैं। हैकर्स डाटा को चुराने के साथ इसे बदल या नष्ट कर सकते हैं। महाकुंभ के दौरान भी कई नई वेबसाइट, एप लांच किए गए हैं। सूचनाओं को लेकर कई तरह के एप संचालित हैं। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, सुरक्षा के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। यह सब साइबर अटैकर्स के निशाने पर होते हैं। इसमें सुरक्षा को बाधित करने से लेकर डाटा चुराने तक का काम किया जा सकता है।
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ऐसे पता चलता हो रहा है साइबर अटैक
साइबर अटैक को पहचानने के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की टीम कार्य करती है। मान लें कि कुंभ की वेबसाइट है, उस पर अगर नार्मल यूजर्स विजिट करेंगे, तो उनका आईपी एड्रेस सिस्टम पर दिखेगा। अगर कोई हैकर्स इस पर अटैक करता है, तो वह एक आईपी एड्रेस से हजारों बार वेबसाइट को एक्सेस करने की कोशिश करता है। इससे समझ आएगा कि हैकर साइट में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा है।
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