माई सिटी रिपोर्टर आदर्श त्रिपाठी कानपुर। रेड जोन बने ग्वालटोली में सामान्य बीमारियों के मरीजों की भरमार है। कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के कारण सील की गई मछली हाता वाली रोड की बैरिकेडिंग के पास तैनात पुलिसकर्मियों ने इस बात की पुष्टि की है। यहां तैनात पुलिसकर्मियों के मुताबिक क्षेत्र के कम से कम 400 परिवारों में रोजाना दवाई मंगाई जा रही है या फिर होम डिलीवरी के माध्यम से आए दिन दवाई देने वाले लोग क्षेत्र में आ रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने इस बात की भी आशंका जताई है कि लोग लॉक डाउन से बचने के लिए दवाई मंगाने के बहाने घरों से बाहर निकल रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने अब ऐसे लोगों की पहचान शुरू कर दी है। बीते रविवार को कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद से ही पुलिस ने रोड के दोनों ओर के क्षेत्र को सील कर रखा है। लॉक डाउन का पालन कराने के लिए पुलिस ने सख्ती बढ़ा रखी है। सिर्फ वॉलिंटियर्स के जरिए लोगों को जरूरी वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं। इसके बावजूद लोग घरों से निकल रहे हैं। पुलिसकर्मियों के मुताबिक हर कोई दवा का पर्चा लिए चला आता है। बीमारी या दवा के नाम पर लोगों को रोका भी नहीं जा सकता। कम से कम 400 ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो रोजाना दवा के लिए निकलते हैं या फिर होम डिलीवरी के जरिए दवा मंगवाते हैं। होम डिलीवरी के जरिए आने वाले सामान को बैरिकेडिंग के पास ही रोका जाता है। लोग य हां तक सामान लेने के लिए घरों से निकलकर आते हैं। दवाई के पर्चे भी कई कई माह पुराने होते हैं ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कौन सच बोल रहा है यह कौन बहाना बना रहा है। इसकी पहचान के लिए ऐसे सभी लोगों की सूची बनानी शुरू कर दी गई है। इनसेट जरूरत से ज्यादा होम डिलीवरी की हलचल रेड स्पॉट ग्वालटोली में किस गली में होम डिलीवरी की के जरिए भी सामान मंगवाया जा रहा है जरूरत से ज्यादा सामान डिलीवरी करने वाले भी लॉक डाउन का पालन कराने में मुसीबत बने हुए हैं क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों के मुताबिक हर 5 से 10 मिनट के अंतराल में कोई ना कोई होम डिलीवरी के जरिए सामान पहुंचाने आता है सामान लेने के लिए लोग घरों से निकलकर बैरिकेडिंग तक आते हैं यह स्थिति तब है जब क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए 10 वालंटियर तैनात किए गए हैं जो कि लोगों की जरूरत का सामान पहुंचा रहे हैं होम डिलीवरी भी लॉक डाउन का पालन कराने में बड़ी परेशानी बन रही है। रेड जोन घोषित होने के बावजूद यहां तैनात पुलिसकर्मी महज मास्क और दस्ताने के भरोसे अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। किसी भी पुलिसकर्मी को पीपीई किट नहीं मिली है।