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Guru Gochar: आज से बदलेगी गुरु की चाल, 28 जून तक बंद रहेंगे मांगलिक कार्य, 29 से शुरू होंगे शुभ कार्य

Wed, 01 May 2024 04:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: लगभग 12 मास बाद एक मई को दोपहर 12:59 बजे शुक्र की वृष राशि में गुरु गोचर करने जा रहे हैं। इस कारण 28 जून तक बंद मांगलिक कार्य रहेंगे। शुक्र ग्रह अस्त होने से पहले से ही मांगलिक कार्यों पर विराम लगा है।
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गुरु का गोचर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नौ ग्रहों में गुरु सबसे शुभ ग्रह माने जाते हैं। गुरु 12 माह में राशि बदलते हैं। ये एक मई को दोपहर 12:59 बजे शुक्र की वृषभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि वृषभ राशि में प्रवेश के बाद गुरु छह मई को रात 11:02 बजे अस्त हो रहे हैं और तीन जून को प्रातः काल 7:01 बजे उदय होंगे। इनके अस्त होने से मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं, और उदय होने से शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं।  वर्तमान में शुक्र ग्रह अस्त चल रहे हैं, इसलिए मांगलिक कार्यों पर पहले से विराम लगा हुआ है।

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इस बार मांगलिक कार्य 28 जून तक बंद रहेंगे। 29 जून को शुक्र उदय के साथ मांगलिक कार्य शुरू होंगे। देवगुरु बृहस्पति वृषभ राशि में 1 मई 2024 से 14 मई 2025 तक रहेंगे, उसके बाद बुध की मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। देवगुरु बृहस्पति का यह गोचर राशि अनुसार फल देता है। गुरु की शुभता के लिए मस्तक पर हल्दी और केसर का टीका लगाएं। गुरुवार पीले वस्त्र, फल, चना, गुड़ चने की दाल आदि का दान करें। गाय का पूजन कर उसे आटा की लोई खिलाएं, पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।

डॉ. आदित्य पांडेय- सोने की कीमतों में आएगा उछाल
वैदिक ज्योतिष शोध परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय डॉ. आदित्य पांडेय के अनुसार देव गुरु के वृषभ राशि में आते ही सोने की कीमत में 15 फीसदी तक का उछाल नौ अक्तूबर के पहले ही आ जाएगा। 14 मई 2025 के आसपास सोने का भाव एक लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो जाएगा। अन्य मूल्यवान धातुओं के मूल्य भी आसमान छुएंगे।  कला, संस्कृति एवं अध्यात्म जगत से जुड़े कर्मठ और ईमानदार लोगों के लिए यह स्वर्णिम वर्ष होगा।

21 दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें
जनमानस में विलासिता का भाव बढ़ेगा, जिसका प्रभाव आने वाले चुनाव के चरणों में पोलिंग प्रतिशत पर भी दिखने का खतरा है। दैत्य गुरु एवं देव गुरु में अति शत्रुता मानी जाती है, जिसके प्रभाव से धर्म, अध्यात्म और कला के क्षेत्र से जुड़े ढोंगी अथवा भ्रष्ट लोगों पर कुठाराघात के बादल भी मंडराएंगे। उत्तर पूर्वी भारत में जनमानस के मध्य सरकार विरोधी भाव बढ़ सकते हैं। गुरु के गोचर का लाभ लेने के लिए गुरु शंख में जल और पिसी हुई हल्दी मिलाकर गुरु की होरा में 3 गुरुवार स्नान करें अथवा विष्णु सहस्त्रनाम का 21 दिन पाठ करें।
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पंडित पीएन द्विवेदी के अनुसार गुरु के गोचर का राशियों पर असर

  • मेष राशि- धन लाभ के अवसर मिलेंगे, मांगलिक कार्य का परिवार में योग बनेगा।
  • वृष राशि- गुरु पंचम, नवम भाव पर दृष्टि डालेंगे, अतः पद भाग्य में लाभ होगा।
  • मिथुन राशि- गुरु बारहवें होकर व्यय की अधिकता बढ़ाएंगे।
  •  कर्क राशि- गुरु लाभ भाव में होकर आय के स्रोत में वृद्धि करेंगे।
  • सिंह राशि- गुरु दशम भाव में होकर स्थान परिवर्तन का योग बनाएंगे।
  • कन्या राशि- गुरु भाग्य भाव में होकर रुके हुए कार्यों में सफलता दिलाएंगे।
  • तुला राशि- गुरु अष्टम भाव में होकर स्वास्थ्य की दृष्टि से मध्यम रहेंगे।
  • वृश्चिक राशि- गुरु सप्तम भाव में होकर लाभ देंगे। विवाह बाधा दूर होगी।
  •  धनु राशि- गुरु छठे भाव में होकर रोग ऋण शत्रु का दमन करेंगे।
  • मकर राशि- गुरु पद सम्मान की दृष्टि से लाभ देंगे और संतान सुख प्राप्त होगा।
  • कुंभ राशि- गुरु चतुर्थ भाव में भूमि भवन वाहन माता के सुख की दृष्टि से लाभ देंगे।
  • मीन राशि- गुरु तीसरे भाव में होकर पराक्रम में वृद्धि करेंगे व भाई बहनों का सुख प्राप्त होगा।
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