मोतीझील में चल रहे गुरु श्री गोविंद सिंह महाराज के तीन दिवसीय पावन प्रकाशोत्सव के समापन पर शनिवार को लाखों लोगों ने लंगर छका। वहीं, सुबह और शाम तक संगतों ने शबद और कीर्तन गाया।
गुरुनाम ‘मैं हौ परम पुरख को दासा देखन आयो जगत तमासा’ शबद पर भक्त नतमस्तक रहे। कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्यों को सिरोपा व प्रतीक चिंह भेंट किया गया। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों ने निशुल्क स्वास्थ्य व जांच शिविर का आयोजन भी किया।
प्रकाशोत्सव पर सुबह श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। इसके बाद आसा की वार का पाठ हुआ। इसके बाद स्कूली बच्चों ने नितनेम पाठ किया। कीर्तन जत्था के कुलदीप सिंह राजा, आतमजीत सिंह और प्रेमी जत्थे ने शबद कीर्तन गाया।
दरबार साहिब से आए सरबजीत सिंह लाडी ने ‘मैं हौ परम पुरख को दासा देखन आयो जगत तमासा’ और मुंबई से आए इंदरजीत सिंह खालसा ने ‘सब गोविंद है, सब गोविंद है, गोविंद बिन न कोई’ शबद गाया। जालंधर से आई सिख संगत ने सिख इतिहास के बारे में बताया।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, विधायक सत्यदेव पचौरी, पूर्व सांसद राजाराम पाल, पूर्व विधायक संजीव दरियाबादी, कांग्रेसी नेता शैलेंद्र दीक्षित, एसएसपी शलभ माथुर, एडीएम सिटी अविनाश सिंह, फतेह बहादुर सिंह गिल, गुरविंदर सिंह छाबड़ा, हरजीत सिंह, अनुज गौतम, राम कृष्ण भाष्कर, पीएनबी के सह प्रबंधक एसके रायजादा, पीके अरोड़ा आदि को प्रतीक चिंह और सिरोपा भेंट किया गया।
उधर, शाम को रहिरास साहिब के पाठ के बाद आनंद साहिब का पाठ हुआ। देर रात कवि दरबार में बलवीर सिंह, चैन सिंह चक्रवर्ती और जमीर हसन जमीर कवियों ने कृति सुनाईं।
पीएनबी व होम्यिोपैथी डॉ. हेमंत मोहन ने निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया। माधवा हेल्थ केयर सेंटर ने जांच शिविर लगाया। कार्यक्रम का संयोजन हरविंदर सिंह लार्ड, मंजीत सिंह सागरी, मोहन सिंह, हरजिंदर सिंह, गुरुचरन सिंह ने किया।
76 लोगों ने डोनेट किया ब्लड
कानपुर। गुरु श्री गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर मोतीझील में शनिवार को ‘ब्लड डोनेशन’ कैंप का आयोजन किया गया। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ और ‘श्री गुरुनानक मोदीखाना’ की ओर से आयोजित इस कैंप में 76 लोगों ने ब्लड डोनेट किया।
मायांजलि ब्लड बैंक के डॉ. अशोक कुमार गुप्ता और उनकी टीम ने ब्लड डोनेट कराया। कार्यक्रम का संयोजन सरदार जुगल सिंह, सतनाम सिंह पंक्षी, अखिलेंद्र सिंह, सौरभ शर्मा, नरेंद्र सिंह और स्वर्णजीत सिंह आदि ने किया।