कानपुर। रावतपुर में सहमति संबंध में रहने वाले लखन शुक्ला की हत्या के आरोप में शनिवार को पुलिस ने उसके साथ रहने वाली गुनगुन को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। जेल जाने से पहले उसने पुलिस का बताया कि घर से लखन की चाची का फोन आया था कि उसे जायदाद से बेदखल कर दिया है। इसकी वजह से वह परेशान था। वह बार-बार खुद को बेकसूर बताती रही। हालांकि घटना से जुड़े पुलिस के सवालों का उसके पास कोई जवाब नहीं था। पुलिस उसे जेल भेजने से पहले मेडिकल के लिए कल्याणपुर सीएचसी लाई थी।
बता दें कि जरौली निवासी अर्जुन शुक्ला का बेटा लखन दो महीने पहले घर छोड़कर गुनगुन के साथ काकादेव ओम चौराहा पर किराये पर रहने लगा था। गुनगुन पहले से शादीशुदा थी और पति से अलग रह रही थी। गुरुवार सुबह कमरे से रोने की आवाजें आने पर पड़ोसियों ने जब कमरे का दरवाजा खुलवाया तो लखन का शव बेड पर पड़ा था।
पुलिस की पूछताछ में उसने कहा कि लखन शुक्ला से कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद हम लोग 15 दिन पहले काकादेव स्थित हॉस्टल में रहने के लिए आए थे। घटना वाली रात को परमट मंदिर गए और रात में पिज्जा खाया था। सब कुछ सामान्य था। जायदाद से बेदखली वाले फोन के बाद वह परेशान हो गया था। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया है। इसमें अन्य बिंदुओं पर भी जांच कराई जा रही है।