अड़रेपुरवा गांव में एक अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में अपने ही राइफल
की गोली लगने से मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कार्रवाई की जा
रही है ।
अड़रेपुरवा गंाव में तड़के शिक्षिका शिवदेवी के घर में
अचानक चली गोली से उनके बड़े पुत्र जितेंद्र यादव उर्फ दीपू (40) की मौके
पर ही मौत हो गई।
शिवदेवी ने बताया कि उसका पुत्र कानपुर में सुरक्षा
गार्ड की नौकरी करता था, पर कुछ दिन पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। रविवार सुबह सात
बजे दीपू के कमरे से अचानक गोली चलने की आवाज आई। मौके पर जाकर देखा तो वह
जमीन पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था। पास में दीपू की लाइसेंसी राइफल भी पड़ी
हुई थी।
परिजन अस्पताल ले जाते इसके पहले ही रास्ते में उसकी मौत
हो गई। वहीं अन्य परिजनों ने बताया कि दीपू कुछ दिनों से मानसिक रूप से
परेशान चल रहा था। थानाध्यक्ष
देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।