थाना क्षेत्र में युवती के आग लगाकर जान देने के मामले के मुख्य
आरोपी को पुलिस ने सोमवार जेल भेज दिया। वहीं एसपी ने मौके पर जाकर जांच
पड़ताल की। साथ ही उन्होंने कहा कि मामले में जिस पुलिसकर्मी को दोषी पाया
जाएगा , उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार कि
किशोरी का देर रात तीन डॉक्टरों के पैनल पोस्टमार्टम भी किया। फिलहाल प्रथम
दृष्टया जलकर मरने की बात सामने आई है। रेप की जांच के लिए स्लाइड बनाई गई
है। पुलिस को इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
बता दें
कि ताऊ ने गांव के एक युवक और दो अज्ञात पर किशोरी का अपहरण और गैंगरेप का
आरोप लगाया था। तहरीर के मुताबिक 24 फरवरी को गांव के युवक ने अपने दो
रिश्तेदारों के साथ शौच के लिए घर से बाहर निकली किशोरी को उठा लिया था और
दूसरे दिन 25 फरवरी को आंखों में पट्टी बांधकर घर के बाहर छोड़ गए थे। साथ
ही धमकी भी दे गए थे अगर किसी से कहा कि परिवार के अन्य सदस्यों का यही
हाल करेंगे। इसके बाद गैंगरेप से आहत युवती ने आग लगा ली और इलाज के
दौरान के मौत हो गई थी।
किशोरी की मौत हरकत में आई पुलिस पहले तो
कार्रवाई से बचती रही लेकिन राजनीतिक दबाव के आनन-फानन कार्रवाई की।
सोमवार को शाम एसपी वजीह अहमद ने एसडीएम हरिहर राम पीड़ित परिवार को
सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया और साथ ही एसओ को निर्देश दिया
अज्ञात की जल्द गिरफ्तारी करें। एसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ सिकंदरा
संजीव कुमार सिन्हा को करने के निर्देश दिए। गजनेर थाना इंचार्ज रामनिवास
यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है।