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एक्सक्लूसिव: जीएसवीएम करेगा ब्लैक फंगस के मरीजों पर शोध, इस बीमारी के फैलने की वजह जानने की रहेगी कोशिश

Sat, 22 May 2021 04:48 PM IST
शिखा पांडेय मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में ब्लैक फंगस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीमारी से निपटने के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ब्लैक फंगस के मरीजों पर शोध करेगा और इससे निपटने के लिए भी निदान निकालेगा।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ब्लैक फंगस के मरीजों पर शोध करेगा। यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उन्हें यह बीमारी क्यों हुई? इसकी वजह इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन, स्टेरॉयड है या कोई और? कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग ने शोध करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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इसके लिए हैलट में भर्ती 12 मरीजों की हिस्ट्री लेने के साथ ही स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कोरोना का संक्रमण कम होते ही ब्लैक फंगस के मरीज अचानक सामने आने लगे हैं। यह बीमारी ज्यादातर उन कोरोना विजेताओं को पकड़ रही है, जिन्हें डायबिटीज भी थी और कई दिन तक उनका आईसीयू में इलाज चला।



आशंका है कि कोरोना के इलाज के दौरान दिए गए स्टेरॉयड की वजह से मरीजों को इस बीमारी ने चपेट में लिया। क्योंकि कोरोना के मरीजों को स्टेरॉयड देने से उनमें शुगर लेवल बढ़ा। चूंकि डायबिटीज के मरीजों का शुगर लेवल पहले ही औसत से ज्यादा होता है।
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स्टेरॉयड से शुगर लेवल में और इजाफा हुआ। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता घट गई, जिसके चलते वे कोरोना की जंग जीतने के हफ्ते - 10 दिन बाद ही ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए। दूसरी वजह, इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन गैस को माना जा रहा है।
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दरअसल, मरीजों की दी जाने वाली मेडिकल ऑक्सीजन गैस विशेष प्रक्रिया के तहत तैयार की जाती है। यह 99 प्रतिशत से ज्यादा शुद्ध होती है, जबकि इंडस्ट्रियल गैस औद्योगिक उपयोग के लिए होती है, जिसमें शुद्ध ऑक्सीजन का प्रतिशत कम होता है। कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड आदि नुकसानदायक गैसों के साथ अन्य अशुद्धियां होने की आशंका होती है।

ब्लैक फंगस के मरीजों पर शोध किया जाएगा। इस बीमारी के फैलने की वजह जानने की कोशिश की जाएगी। मुख्यतया स्टेरॉयड, इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन गैस के इस्तेमाल की जांच होती है क्योंकि ऐसी गैस से भी यह बीमारी हो सकती है। - डॉ. अपूर्व अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज


ब्लैक फंगस के मरीजों में मुख्यतया इन बिंदुओं पर होगा शोध
- क्या उन्हें कोरोना हुआ था?
- क्या डायबिटीज था?
- क्या उन्हें इलाज के दौरान स्टेरॉयड दिए गए, यदि हां तो कौन से और कितनी मात्रा में ?
- क्या उन्हें इलाज के दौरान इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन गैस दी गई ?
- सिलिंडर से ऑक्सीजन देते समय नमी के लिए जो पानी यूज किया गया, वो कैसा था?
- सिलिंडर से ऑक्सीजन देते समय जिस उपकरण में पानी भरा गया, उसे ठीक से साफ किया जाता रहा या नहीं?
- बीमारी से पहले उनका स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसी थी?
- क्या उनका लंग्स, लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था?
- उन्हें इम्यूनो सेपरेशन ड्रग दी गईं थी?
- क्या मरीज को पहले कैंसर या अन्य कोई गंभीर बीमारी हुई थी?
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