जीएसटी में रजिस्टर्ड कोई भी डीलर राज्य की सीमा के अंदर अपने कारोबार से जुड़ीं पांच सौ शाखाएं खोल सकता है। ये शाखाएं कार्यालय, उप कार्यालय, सर्विस सेंटर, गोदाम आदि के रूप में हो सकती हैं। यदि शाखा राज्य के बाहर है तो वहां अलग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। माल के ट्रांसफर पर जीएसटी भी देना होगा।
कानपुर वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विशाल पुंडीर, असिस्टेंट कमिश्नर शैलेंद्र वार्ष्णेय व अमित पाठक ने बुधवार को दादा नगर में यह जानकारी उद्यमियों को दी। कानपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कोआपरेटिव इस्टेट की ओर से जीएसटी के प्रावधानों को समझने के लिए कार्यशाला करवाई गई थी। असिस्टेंट कमिश्नर ने बताया कि 30 जून तक के स्टॉक पर भी उद्यमियों के रिकार्ड के अनुसार वैट एवं एक्साइज में टैक्स क्रेडिट मिलेगा। यह स्टॉक छह माह के अंदर निकाला जा सकता है। उसमें भी नियम के अनुसार 18 प्रतिशत के ऊपर के टैक्स वाली वस्तुओं पर 60 फीसदी की दर से व 18 प्रतिशत से कम टैक्स वाली वस्तुओं पर 40 प्रतिशत का क्रेडिट मिलेगा। कार्यशाला में कोआपरेटिव इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर, बलराम नरूला, हरीश ईसरानी, शैलेंद्र सेठी, अमित टुटेजा, संदीप मल्होत्रा, एएस कोतवाल आदि मौजूद रहे।