गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) ने राशन खरीदने वाले शहरवासियों को खासी राहत दी है। जीएसटी लागू होने से पहले स्टॉक क्लीअर करने के चक्कर में गल्ला कारोबारियों ने दाम गिराकर अनाजों की बिक्री शुरू कर दी है। इसके चलते शनिवार को कानपुर की किराना मंडी में अरहर के दामों में 15 रुपये तक की कमी आ गई है।
चावल के दाम भी पांच रुपये से लेकर 10 रुपये तक गिर गए। इस सीजन में बढ़ने वाले चावल के दाम स्थिर हैं। एक जुलाई के बाद इनमें तेजी आ सकती है।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होना है। वैट के अंतर्गत खरीदे गए माल की बिक्री और इसके बाद लगने वाले टैक्स को लेकर अभी भी व्यापारी आशंकित हैं। कई व्यापारियों ने उत्पादकों की जगह व्यापारी से ही माल खरीदा है। इसकी खरीद कैसे दिखाएंगे, इसको लेकर भी संशय की स्थिति है। इसलिए व्यापारियों की पहली कोशिश यही है कि पुराना स्टॉक क्लीअर कर दिया जाए।
कलक्टरगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बताया कि 10 दिन पहले तक 70-75 रुपये किलो बिकने वाली अरहर की दाल 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है। चावल के दामों में भी 10 रुपये तक की गिरावट है। जीएसटी लागू होने से पहले व्यापारी पुराना स्टॉक शून्य करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके चलते दाम गिराकर भी माल बेच रहे हैं।