इस सर्दी आप अपने घर व लॉन को हराभरा और अलग-अलग किस्म के रंगीन फूलों से सजा सकते हैं। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर में शनिवार से शुरू हुए अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में हॉलीहॉक, एंटी राइनम, क्राईसेथिमम, डहेलिया, गुलदावरी और आइस प्लांट जैसे सजावटी पौधे हैं। गमलों में लगने वाले बरगद, पाकड़ और पीपल के पौधे भी हैं। ये बोनसाई (छोटा रूप) पौधे हैं। इसके अलावा औषधीय महत्व के पौधे जैसे तुलसी, पुदीना, एलोवेरा, लेमनग्रास भी उगा सकते हैं।
लॉन में थोड़ी ज्यादा जगह है तो हाईटेक बागवानी भी तैयार कर सकते हैं। इतना ही नहीं छोटा सा पॉली हाउस बनाकर जैविक खेती से सब्जियां उगाकर स्टार्टअप भी कर सकते हैं। खास बात यह है कि यहां उपस्थित वैज्ञानिकों से इन पौधों को लगाने और इनके रखरखाव के तरीके भी जान सकते हैं।
किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में हॉर्टीकल्चर विभाग ने भी अपना स्टाल लगाया है। इस स्टाल पर विभिन्न प्रजातियों के सजावट वाले पौधे देखने को मिल जाएंगे और इन्हें लगाने का तरीका भी पता चल जाएगा। स्टाल पर प्रोटन, बिसनबेकिया, पैडीलिंटस, पिटूनिया, पैंजी, पायरेसिन, एरुकेरिया, डहेलिया आदि पौधे उपलब्ध हैं। हॉर्टीकल्चर विभाग के विज्ञानी डॉ. विवेक त्रिपाठी ने बताया कि बोनसाई (छोटा रूप) में बरगद, पाकड़, पीपल को भी गमलों में लगाया जा सकता है। ये ज्यादा बड़े नहीं होते, गमलों की खूबसूरती भी बढ़ाते हैं।
पॉली हाउस बना उगाइये सब्जियां
डॉ. विवेक त्रिपाठी ने बताया कि लोग अपने बंगले के लॉन में हाई टेक बागवानी कर सकते हैं। लोग सब्जियां और फल उगाने के साथ ही स्टार्टअप भी शुरू कर सकते हैं। पॉली हाउस में बेमौसम सब्जियां उगाई जा सकती हैं। कम क्षेत्र में आम की आम्रपाली प्रजाति, इलाहाबादी अमरूद की सफेदा प्रजाति, पपीपा लगा सकते हैं। टिश्यू कल्चर से उगाए गए केले कीटाणु रहित होते हैं। एलोवेरा, सफेद मूसली, ईसबगोल, स्टीविया, लेमनग्रास आदि भी लगाई जा सकती हैं। बेमौसम सब्जियों को उगाकर इन्हें अच्छे दामों पर बेचा भी जा सकता है।