कानपुर देहात। कोरोना संक्रमण काल से जूझ रहे जनपदवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले तीन माह की कवायद के बाद जिले में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब खोलने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने कानपुर देहात समेत प्रदेश के 30 जिलों में आरटीपीसीआर लैब खोलने की स्वीकृति दी है। विभागीय अभियंत्रण इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
जिले में कोरोना की जांच को लेकर बड़ी समस्या बनी हुई थी। पहली व दूसरी लहर में जांच के लिए लोगों को एक अस्पताल से दूसरे तक की दौड़ लगानी पड़ती। जिला अस्पताल अकबरपुर में भी कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगी है। जिससे एक दिन में बमुश्किल आठ से दस जांचें हो पातीं हैं। जबकि जिले में प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक सैंपल लिए जाते हैं।
अधिकतर एंटीजन किट से जांच होती है। जबकि आरटीपीसीआर से जांच विश्वसनीय मानी जाती है। जिले में आरटीपीसीआर लैब न होने के कारण सैंपलों को कानपुर मेडिकल कॉलेज या लखनऊ के किंग जार्ज यूनिवर्सिटी भेजा जाता। वहां से जांच रिपोर्ट आने में कम से कम तीन दिन का समय लग जाता है। सैंपलों की संख्या अधिक होने के कारण दिक्कत और भी बढ़ती।
जिसे देखते हुए डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने जिले में ही आरटीपीसीआर लैब खोलने का प्रस्ताव बनाया था। लैब खोलने से पहले उसका ढांचा समझने के लिए जिला अस्पताल से 22 अप्रैल को एक टीम औरैया भेजी गई। वहां से लैब स्थापित करने की प्रक्रिया समझी गई।
डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. एके सिंह ने पिछले दिनों जिला महिला चिकित्सालय के लेबर रूम भवन को आरटीपीसीआर लैब के लिए चिह्नित किया था। वहीं शासन के संयुक्त सचिव प्राणेश चंद्र शुक्ला ने कानपुर देहात समेत 30 जिलों में आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की स्वीकृति का पत्र डीएम को भेजा है।
शासन से जिले में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब खोलने का स्वीकृति मिली है। विभागीय अभियंत्रण इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। लैब जल्द स्थापित हो, इसके प्रयास किए जाएंगे। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी