इटावा। इन दिनों जिले में आलू की बुआई का काम तेजी से चल रहा है। समितियों पर किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। विभाग खाद का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहे हैं। खाद संकट का मामला नैनो डीएपी के चक्कर में फंस गया है। नैनो डीएपी की बाध्यता केवल सहकारी समितियों में ही नहीं है, बाजार में निजी खाद के दुकानदार भी बिना नैनो के दानेदार खाद की बोरी नहीं दे रहे हैं।
किसान डीएपी खाद के लिए धक्के खा रहे हैं। अकेली डीएपी खाद न तो सहकारी समितियों में मिल रही है, न ही निजी दुकानों में। दोनों ही जगहों पर नैनो डीएपी लेने पर ही दानेदार डीएपी की बोरी दी जा रही है। आलू की अगेती बुवाई 15 से 25 सितंबर और इसकी पिछैती बुआई के लिए 15-25 अक्तूबर तक का समय सबसे उपयुक्त रहता है। हालांकि इस बार जिले में सितंबर की बारिश से नुकसान हुआ है। इससे अगेती आलू की फसल की बुआई नहीं हो पाई, अब खाद के संकट से पिछैती आलू की बुआई भी पिछड़ रही है। वहीं गेहूं की बुआई सामान्यता अक्तूबर के अंत से नवंबर में की जाती है।
विशेष परिस्थितियों में दिसंबर के महीने में भी गेहूं की बुआई की जा सकती है। इसके लिए भी किसान डीएपी खरीदने का प्रयास कर रहे है। ऐसे में दोनों फसलों के लिए किसान एक साथ खाद खरीद रहे, इससे समितियों पर खाद आने के कुछ ही घंटों में वितरित हो जाती है। वहीं नैनो डीएपी को खरीदने के लिए किसान आगे नहीं आ रहे है नतीजन इन बोतलों का स्टॉक बड़ी मात्रा में रखा है।
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सीन-एक
सैफई क्षेत्र के रजमऊ वैदपुरा स्थित सहकारी संघ पूर्ति भंडार पर शनिवार सुबह से ही किसान आलू व लहसुन, सरसों की बुआई के लिए खाद लेने पहुंचे थे। किसानों का कहना है उनके 15 दिन से सिर्फ यह कहकर टरका दिया जाता है कि खाद नहीं है। जब आएगी तब दी जाएगी। पूर्व प्रधान राधेश्याम, मनोज कुमार, बारेलाल, मुनेश कुमार राजपाल ने बताया कि समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। संघ के चक्कर काटते-काटते थक गए है। समिति के प्रभारी सर्वेश कुमार ने बताया हमारे यहां दोनों ही सोसाइटियों पर 80 से अधिक गांवों के दो हजार किसान पंजीकृत हैं। अभी तक 1200 बोरी डीएपी मिली है उसका वितरण हो गया। अभी कम से कम पांच हजार बोरी और आए, तब कही जाकर किसानों की पूर्ति हो सकेगी।
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सीन-दो
भरथना के बालूगंज स्थित सहकारी क्रय विक्रय समिति पर शनिवार को सुबह से दोपहर एक बजे तक कई किसान खाद के लिए चक्कर लगाते रहे। खाद न होने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। बीते दो दिन से समिति पर डीएपी खाद नही है। लहरोई गांव निवासी किसान नरेंद्र कुमार ने बताया कि दो दिन से डीएपी खाद के लिए चक्कर लगा रहे है,अब तक डीएपी नही मिलने से निराश होकर वापस जाना पड़ रहा है। समिति के अध्यक्ष अरुण यादव ने बताया डिमांड भेजी है, जैसे ही खाद मिलती है वितरण शुरू करवा दिया जाएगा।
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आंकड़े
उर्वरक लक्ष्य उपलब्धता वितरण अवशेष
यूरिया 40786 18419 2010 16409
डीएपी 18830 6150 4932 1218
एमओपी 854 868 332 536
एनपीके 3798 3280 1492 1788
एसएसपी 983 849 183 666
नोट: सभी आंकड़े एमटी में है।
जिले में नैनो खाद की स्थिति
नैनो (मात्रा बोतल में) कुल उपलब्धता वितरण अवशेष
यूरिया 24509 1155 23354
डीएपी 13258 887 2371
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वर्जन
सभी केंद्रों पर खाद पहुंचाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में खाद का पर्याप्त स्टाॅक है। एक दो दिन में और रेक आ जाएगी। खाद को लेकर कोई कमी नहीं है। किसान खाद का स्टॉक न करें, पर्याप्त खाद है।
- कमलेश वर्मा, एआर कॉपरेटिव