अमर उजाला की पहल पर कोरोना रोगियों की जान बचाने के लिए कोरोना विजेता आगे आ रहे हैं। पोते ने जरूरतमंद को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए अपने बाबा (दादा) का पिंडदान कार्यक्रम छोड़ दिया। कोरोना विजेता आशीष शर्मा को जब किसी जरूरतमंद ने फोन किया तो वे कार्यक्रम छोड़कर घाटमपुर से हैलट ब्लड बैंक आ गए और शनिवार को प्लाज्मा डोनेट किया।
आशीष शर्मा ने बताया कि जब जरूरतमंद का फोन आया तो वह घाटमपुर के जहांगीराबाद में थे। उनका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि सारे लोग जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं, वे अब दूसरों की जान बचाने का बीड़ा उठाएं। न्यू लखनपुर में निजी अस्पताल के संचालक डॉ. भूपेंद्र सिंह भी कोरोना विजेता हैं।
उन्होंने भी शनिवार को प्लाज्मा डोनेट किया है। डॉ. सिंह का कहना है कि सारेे कोरोना विजेताओं को प्लाज्मा डोनेशन के लिए आगे आना चाहिए, जिससे दूसरों की जान बच सके। रावतपुर के रहने वाले विनोद मेहरोत्रा ने प्लाज्मा दान करके दूसरे कोरोना विजेताओं को जान बचाने की इस मुहिम में आगे आने की सीख दी।
रतनपुर कालोनी के राहुल कुमार सोनी 24 जून को कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए। रविवार को उन्होंने ब्लड बैंक में आकर प्लाज्मा दान किया। इस मुहिम को कोरोना विजेताओं ने अपने स्तर से जारी कर रखा है। वे दूसरे कोरोना विजेताओं के संपर्क में हैं और प्लाज्मा डोनेशन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।