बांदा जिले के अतर्रा में अस्थाई गोशालाओं के नाम पर चारा-भूसा घोटाले पर आठ माह तक चली जांच के बाद आरोपी ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घोटाला की गई 16 लाख की रकम की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई की जाएगी। चारा-भूसा घोटाले की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित हुई थी। विधायक ने शिकायत की थी। नरैनी क्षेत्र की छतैनी ग्राम पंचायत में अन्ना पशुओं के लिए बनाई गई अस्थाई गोशाला के नाम पर चारा-भूसा आदि के लिए पिछले वर्ष करीब 16 लाख रुपये दिए गए थे।
आरोप है कि एक बार खरीदे गए भूसे के ढेर की कई बार अलग-अलग फोटो लेकर अलग-अलग खरीद दिखा दी गई। लाखों रुपये हड़प लिए गए। ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर यह घोटाला किए जाने के आरोप लगे। क्षेत्रीय विधायक राजकरन कबीर ने भी मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा।