चित्रकूट जिले में मनरेगा समेत तीन मदों में लगभग दो लाख रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने ग्राम पंचायत अधिकारी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में ग्राम प्रधान की डेढ़ माह पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। रैपुरा थाना प्रभारी सुशील चंद्र ने बताया कि उडकीमाफी गांव के पूर्व प्रधान राजबहादुर ने गांव में मानकविहीन काम कराने व सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाकर अप्रैल 2019 में प्रधान व सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी मामले में थाने के एसआई अनिल कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को टीम के साथ वांछित ग्राम पंचायत अधिकारी आशुतोष कुमार पुत्र जगदीश स्वरूप मूल निवासी वार्ड नं सात ककराही बाजार थाना दिबियापुर जिला औरैया (वर्तमान निवास कर्वी चित्रकूट को) सदर कोतवाली क्षेत्र के पसियौडा तिराहे से गिरफ्तार किया है।
कानूनी कार्यवाही के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी को जेल भेजा गया है। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 11 नवंबर को रैपुरा पुलिस ने गबन के मामले में नामजद प्रधान कुसुमादेवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। प्रधान पर गांव में मनरेगा, हैंडपंप मरम्मत व 14वें वित्त आयोग से खर्च की गई सरकारी धन में गडबड़ी करने और मानकविहीन निर्माण कार्य कराने का आरोप है। इनके खिलाफ रैपुरा थाने में सरकारी धन के गबन की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।