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सरकार का आदेश तत्काल बंद करो 296 टेनरियां,  ट्रीटमेंट प्लांट के ठप होने पर लिया गया फैसला

Mon, 19 Nov 2018 10:09 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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कानपुर: प्रदेश सरकार ने गंगा किनारे स्थापित जाजमऊ की सभी संचालित 296 टेनरियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की तरफ से यह आदेश सोमवार को टेनरियों तक पहुंचा दिया गया। कहा गया है कि यदि किसी ने भी आदेश की अवहेलना की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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बंदी का यह आदेश पिछले दिनों नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की एडवाइजरी कमेटी की सर्वे रिपोर्ट के बाद दिया गया है। सर्वे के दौरान जाजमऊ स्थित ट्रीटमेंट प्लांट ठप पाया गया था। गंगा में सीधे टेनरियों का पानी जा रहा था। आदेश के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट के शुरू होने पर ही टेनरियां चल सकेंगी।

गंगा में जा रहे प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी की तरफ से सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके टंडन की अगुवाई में कमेटी का गठन किया गया था। 24 अक्तूबर को समिति ने कानपुर आकर जाजमऊ की टेनरियों और ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था। उस समय टीम को यह पता चला था कि ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत चल रही है। ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन जल निगम करता है।
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पूछा...प्रदूषित कचरा युक्त पानी का ट्रीटमेंट कहां हो रहा है...

सर्वे के दौरान टीम के प्रमुख, न्यायाधीश टंडन और टीम के एक सदस्य केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अधिकारी डॉ. अपोलकर ने जल निगम के प्रमुख सचिव मनोज सिंह से पूछा था कि जब ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत हो रही है तो टेनरियों और नालों से आने वाले प्रदूषित कचरा युक्त पानी का ट्रीटमेंट कहां हो रहा है।

इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि ट्रीटमेंट ठप है। प्रमुख सचिव के इतना कहने बाद टीम तत्काल लौट गई थी। सर्वे रिपोर्ट के बाद अब टेनरियाें की बंदी का आदेश जारी कर दिया गया। आदेश एक दिन पहले 18 नवंबर को ही जारी हो गया था। बोर्ड की स्थानीय इकाई की तरफ से टेनरियों के पास सोमवार को भेजा गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ जाजमऊ जाकर ज्यादातर टेनरियों का आदेश की कॉपी सौंप दी है, बाकी को मंगलवार को दे दी जाएगी। सरकार के इस आदेश से टेनरी संचालक हतप्रभ हैं। उनका कहना है कि वे इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। 
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