आरोपी लेखपाल (पिंक शर्ट में) एंटी करप्शन टीम के साथ
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हरदोई में एक किसान के दो चकों (खेतों) को एक में करने के लिए रिश्वत ले रहे चकबंदी विभाग के लेखपाल को शनिवार को लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर ने लेखपाल के विरुद्ध संडीला कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव कौड़िया के मजरा रामनगर निवासी श्याम बिहारी के चक अलग-अलग स्थानों पर हैं। गांव में चकबंदी चल रही है। इसके चलते श्याम बिहारी ने चकबंदी के क्षेत्रीय लेखपाल जगदीश चंद्र से दोनों चक एक में करने को कहा था। इस पर लेखपाल जगदीश चंद्र ने 50 हजार रुपये मांगे। श्याम बिहारी ने 20 हजार रुपये पहले दे दिए थे और इसके बाद शिकायत एंटी करप्शन टीम से की।
टीम ने लेखपाल को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए श्याम बिहारी के साथ मिलकर योजना बनाई। शनिवार दोपहर तीन बजे पुरानी तहसील परिसर स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय में मौजूद लेखपाल जगदीश चंद्र को श्याम बिहारी ने 12 हजार रुपये (दो हजार रुपये के छह नोट) दिए।
इसी दौरान एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर श्याम चंद्र त्रिपाठी, जगन्नाथ सिंह, संजय सिंह, अनुराधा सिंह, डीपी मिश्रा, विजय बहादुर, जयराम पाल, आशीष कुमार और वाहन चालक सिपाही अरविंद के साथ मौके पर पहुंच गए। टीम ने रुपयों सहित जगदीश चंद्र को हिरासत में ले लिया।
चूने के पानी से लेखपाल जगदीश के हाथ धुलवाए तो पानी रंगीन हो गया। दरअसल टीम ने नोटों में विशेष रसायन लगाया था। इसके बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी चकबंदी लेखपाल को लेकर कोतवाली चली गई। यहां तहरीर के आधार पर संडीला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।