कानपुर महानगर सराफा एसोसिएशन के महामंत्री पंकज अरोड़ा का कहना कि सराफा कारोबारी काफी समय से सरकार से आयात शुल्क कम करने की मांग कर रहे हैं।
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व्यापारियों का तर्क है कि तस्करी रोकने के लिए सरकार को आयात शुल्क कम करना चाहिए। आयात शुल्क कम होगा तो तस्करी वाले सोने का आयात कम होगा।
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व्यापारियों को भी सोने की कीमत कम अदा करनी पड़ेगी। इससे जनता को फायदा होगा। आयात शुल्क अधिक होने से अन्य देशों के मुकाबले भारत में सोना महंगा है।
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यदि कोई व्यक्ति भारत में सोने के आभूषण खरीदता है तो उसे 13 फीसदी कर का भुगतान करना पड़ता है। इसमें 10 फीसदी आयात शुल्क और तीन फीसदी जीएसटी शामिल है। यह सब सोने की कीमत में समाहित रहता है। इसमें कटौती होने पर सोने के दाम में गिरावट आएगी।
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सराफा कारोबारी पंकज अरोड़ा ने वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-2017 में देश में 120 टन तक सोने की तस्करी हुई। एक किलोग्राम सोने की तस्करी होने पर सरकार को तीन लाख 90 हजार रुपये टैक्स का नुकसान होता है। इस प्रकार सरकार को प्रति वर्ष तस्करी के कारण हजारों करोड़ रुपये टैक्स की चपत लगती है।
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बजट में रियायत की उम्मीद की वजह से सराफा बाजारों में ग्राहक कम आ रहे हैं। इस कारण सोने की मांग में कमी आई है। सामान्य दिनों में शहर में प्रतिदिन सोने की मांग करीब 40 किलोग्राम तक थी लेकिन मौजूदा समय 10 किलोग्राम भी नहीं रह गई है। इसलिए बल्क में सोना खरीदने वालों (बुलियन व्यापारियों) ने सोने का आयात कम कर दिया है।
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फरवरी में बजट पेश होने के बाद सोने के भाव में कमी आने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार सोने के आयात शुल्क में कटौती करने जा रही है।