एक्सक्लूसिव रजत यादव वन विभाग गोवंश के गोबर के बदले देगा पौधे जिले की गोशालाओं में दो माह में वन विभाग को लगाने हैं 8 हजार पौधे, गायों में मिलेगा हरा चारा कानपुर। गोशाला की गायों को अब हर समय चारा मिलेगा। इसके लिए वन विभाग तैयारी में जुटा है। जिस गोशाला में चारा युक्त पौधे लगाएगा वहां से गायों का गोबर लेगा साथ ही उसका पैसा भी देगा। इससे गायों को हरा चारा मिलने लगेगा। गोशाला में रहने वाली चारा की समस्या का समाधान हो जाएगा। क्यों कि हर समय गोशालाओं में चारा को लेकर किल्लत बनी रहती है। इस किल्लत को दूर करने के लिए शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। वन विभाग गोशालाओं में चारा युक्त पौधों को लगवाएगा क्यों कि इन पौधों की पत्तियां पशुओं के चारा के काम आती हैं। जिले की गौशालाओं में 8 हजार पौधों को अगस्त माह तक लगाने का लक्ष्य दिया गया है। ये पौधे हर समय ही हरा चारा देता हैं। अगर गोशालाओं में हरा चारा मिलेगा तो गोवंश भी नहीं भूखे मरेंगे साथ उन्हे रखने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। यह पौधा लगभग 7 साल में तैयार हो जाएगा लेकिन इससे चारा चार साल बाद ही मिलने लगेगा। इन पौधों के बदले में गोशालाओं से गोबर वन विभाग लेगा। क्यों कि यह गोबर वन विभाग जो पौधे लगा रहा है उसमें खाद बनाकर प्रयोग किया जाएगा। गोबर की खाद से पौधों में ग्रोथ अच्छी होती है। अभी तक वन विभाग अलग गांवों या अन्य जगहों से व्यवस्था करके गोबर लाता था। मई माह में विभाग के अधिकारियों को गोशालाओं से गोबर खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। जिस गोशाला से गोबर लिया जाएगा वहीं पर पौधे लगाए जाएंगे। पशुपालकों भी ले सकते हैं पौधे वन विभाग इन पौधों को पशुपालकों को भी दे सकता है। क्यों कि गर्मियों मे सबसे ज्यादा हरे चारे की परेशानी होती है। जो लोग डेयरी चलाते हैं और पशु पालते हैं उनके लिए यह काफी फायदेमंद पौधा है। इन पौधों की प्रजातियां पहले आ चुकी थी लेकिन ज्यादा पौधे लगाए नहीं गए। इन पौधों को लगाने से पशुपालकों को कम लागत में चारा उपलब्ध हो सकता है। वर्जन अभी तक पौधों में गोबर डालने के लिए इधर उधर से व्यवश्था करते थे लेकिन अब निर्देश मिले हैं कि गोशालाओं से गोबर लेना है और उसके बदले में उनको चारा वाले पौधे लगाना है।इसके साथ ही हम लोग उस गोबर का पैसा भी अदा करेंगे। जुलाई में पौधारोपण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अरविंद यादव, डीएफओ ये चारा युक्त हैं पौधे अर्रू, बबूल, पीलू, कचनार, नीम, काला सिरस, मुबबुन, लमोहा ये पौधे लगाए जाएंगे।