ट्रेन के न चलने पर पैदल चल दिए।
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कानपुर। इलाहाबाद से कानपुर आ रही मूरी एक्सप्रेस का इंजन भरवारी स्टेशन के पास फेल हो गया। इस ट्रेन में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना के होने से रेलवे के अफसरों में हड़कंप मच गया। मूरी के पीछे आ रही इलाहाबाद - कानपुर नॉन स्टाप स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस को रोक कर जीएम का सैलून उसमें जोड़ा गया। ट्रेन के रवाना होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। उधर मूरी एक्सप्रेस में सवार यात्री पानी न मिलने और उमस से जूझते रहे। दो घंटे के बाद दूसरा इंजन मांगाकर ट्रेन को कानपुर के लिए रवाना किया गया।
जीएम सुबह नौ बजे इलाहाबाद से गाड़ी संख्या 18101 मूरी एक्सप्रेस से सेंट्रल के लिए रवाना हुए। इलाहाबाद और फतेहपुर के बीच भरवारी स्टेशन के पास ट्रेन का इंजन फेल हो गया।
इसकी सूचना पीछे से आ रही गाड़ी संख्या 12561 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस के ड्राइवर को दी गई। इलाहाबाद से कानपुर के बीच स्टॉपेज नहीं होने के बावजूद ट्रेन भरवारी स्टेशन पर बीस मिनट रुकी। यहां सैलून को ट्रेन से जोड़ा गया। शनिवार दोपहर ट्रेन 12:25 बजे सेंट्रल पहुंची। इसके बाद रेलवे के अफसरों ने राहत की सांस ली।
उधर, दो घंटे के बाद दूसरा इंजन मांगा कर मूरी एक्सप्रेस को रवाना किया गया। दोपहर तीन बजे ट्रेन के सेंट्रल पहुंचने पर यात्रियों ने बताया कि दो घंटे तक ट्रेन के खड़े रहने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। बच्चे उमस और पानी के न मिलने से बेहाल रहे। इसके अलावा अप लाइन पर ट्रेन के इंजन बदलने और खड़े रहने से टाटा जम्मूतवी, कालका मेल, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, प्रताप एक्सप्रेस दो से तीन घंटे लेट रहीं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।