गांव की पगडंडियों, खेतों, सुनसान इलाकों से स्कूल जाने वाली छात्राओं को रास्ते में छेड़ने वालों की अब खैर नहीं। प्रदेश सरकार इन छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दिलाएगी, इसके लिए फरवरी के दूसरे हफ्ते से ट्रेनर लड़कियों को जूडो, कराटे, ताइक्वांडो सिखाएंगे।
लड़कियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग और ट्रिक्स बताने के लिए हर ब्लॉक से 100 लड़कियों का चयन किया जायेगा। हर दिन दो घंटे की ट्रेनिंग छात्राओं को स्पेशल ट्रेनर के देंगे।
ट्रेनर की भर्ती प्रक्रिया चालू है, सात फरवरी को ट्रेनर का साक्षात्कार होगा। साक्षात्कार के तुरंत बाद ही छात्राओं की ट्रेनिंग शुरू होगी। हर स्कूल से कुछ छात्राओं को ट्रेनिंग के लिए चयनित किया जाएगा।
इन्हें ब्लॉकों की एबीआरसी में ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग लेकर आने वाली छात्राएं स्कूल में आकर अपने-अपने स्कूल की छात्राओं को वहीं टिप्स दोहराएंगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि साक्षात्कार के बाद तुरंत ही स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। ऐसा पहली बार होगा जब परिषदीय स्कूल की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पहली बार हर ब्लॉक की 100 लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, इसके बाद छात्राओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि लगातार बढ़ रही छेड़छाड़ और दुराचार की घटनाओं पर प्रदेश की कानून व्यवस्था आैर सरकार पर उठ रहे सवाल को देखते हुए प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएं।