उन्हीं से प्रेरणा लेकर मैंने भी कक्षा तीसरी में ठान लिया था कि मैं कभी स्कूल बंक नहीं करूंगी। कभी कभार हल्की तबीयत भी खराब हुई लेकिन स्कूल नहीं छोड़ा। उन्हें रोजाना स्कूल जाना और पढ़ना अच्छा लगता है। पलक कौशलपुरी की रहने वाली हैं। पिता साकेत कुमार सेठी निजी कंपनी में जॉब करते हैं जबकि मां कुसुम सेठी गृहणी हैं। बहन अनमोल सेठी एमबीए कर रही हैं।
पिता साकेत ने बताया कि बेटी ने दस साल पहले जो हमसे वादा किया था उसे पूरा किया। यह मेरे लिए गर्व की बात है। कहते हैं कि ईश्वर का भी इसमें सहयोग रहा कि बेटी कभी ज्यादा बीमार नहीं पड़ी। इसपर मां और बहन ने भी खुशी जताई। पलक बताती हैं कि वह आगे मास कम्युनिकेशन करके पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना कॅरियर स्थापित करना चाहती हैं। वहीं अर्जुन दो साल पहले 12वीं पास करने के बाद अब पॉलिटेक्निक कर रहे हैं।