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ये घटना बताती है कि Social Media 'केवल बवंडर ही नहीं फैलाता!', मददगार भी है

Tue, 24 Apr 2018 08:47 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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दो माह पहले झांसी में खोई मुस्कान, मुस्कान की मां नफीसा - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया के कई नुकसान हैं तो कई फायदे भी हैं। निर्भर यह करता है कि आप किसी दिशा और दशा को दर्शाने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। एक ताजा मामला औरेया जिले से है जहां सोशल मीडिया ने दो माह पहले बिछड़ी एक बेटी को उसके परिजनों से मिला दिया। फिल्मी कहानी सी इस सच्ची घटना में कई रोचक मोड़ भी आए। 
 
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दो माह पहले झांसी में खोई मुस्कान - फोटो : अमर उजाला
दो माह पूर्व अपने भाई के साथ झांसी गई बालिका किसी तरह वहां छूट गई। वहां एक गांव के मुखिया ने उसे अपने घर में पनाह दी। गांव एक युवक ने उसकी सूचना सोशल मीडिया ग्रुप में डाल दी। उस खबर को उपजिलाधिकारी सदर ने पढ़ी तो उसमें थाना फफूंद का जिक्र आने पर उन्होंने फंफूद थानाध्यक्ष को सूचित किया और लड़की के मां-पिता का पता लगाने के लिए कहा। जिस पर थाना पुलिस ने पता लगाकर लड़की के परिजनों को लड़की को लाने के लिए झांसी भेजा है।


थाना क्षेत्र के ग्राम हसनपुर चांद खां निवासी मुस्ताक खेल तमाशा दिखाने का काम करता है। इसके दो बच्चे एक लड़का एक लड़की है। बड़ा लड़का रहीश व लड़की मुस्कान है। रहीश अपनी बहन मुस्कान को लेकर खेल दिखाकर के लोगों का मनोरंजन करता है। दो माह पूर्व झांसी जिले के तहसील गरौठा के गांव दुरुखुरू में रहीश अपनी बहन मुस्कान को साथ लेकर खेल दिखाने गया था। एक दिन खेल दिखाने के बाद उसकी बहन अचानक लापता हो गई।


 
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दो माह पहले झांसी में खोई मुस्कान की मां - फोटो : अमर उजाला
उसने अपनी बहन को काफी तलाशा पर उसे कहीं नहीं मिली तो वह वापस घर आ गया। बहन के खो जाने की जानकारी परिजनों को दी। उधर भटकते-भटकते मुस्कान ग्राम दुरुखुरू पहुंच गई। तो ग्राम के ही भगवानदीन ने उसे अपने घर पर रोक लिया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस कोई पता नहीं लगा पाई। गरौठा निवासी मुबीन खान ने सोशल मीडिया पर उस लड़की का फोटो और एक मैसेज डाला। जिसमें सिर्फ  फफूंद का जिक्र था।

 
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दो माह पहले झांसी में खोई मुस्कान, मुस्कान की मां नफीसा - फोटो : अमर उजाला
किसी तरह उस मैसेज पर उप जिलाधिकारी सदर अमित राठौर की नजर पड़ी तो उन्होंने मैसेज को पढ़कर फफूंद थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय को सूचित कर दिया। सूचना पर थानाध्यक्ष ने लड़की के मां बाप की तलाश की और वह लड़की के घर पहुंच गए। जब लड़की की फोटो मां नफीसा को दिखाई तो उसने उसको पहचान लिया और रोने लगी।


उसने बताया कि हमारे पास इतने पैसा नहीं है की झांसी जाकर अपनी बेटी को ला सके। उसकी बात सुनकर थानाध्यक्ष ने उसे एक हजार रुपये व खाना मंगवा कर दिया और ग्राम प्रधान वसीम कुरेशी को बुलाकर उसकी मदद करवाई और उसे झांसी भेज दिया है। जहां से वह अपनी बच्ची को लेकर आ रही है।
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