कानपुर में राजकीय बाल गृह (बालिका) में रह रही एक बालिका ने गुरुवार को आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद बाल गृह में सब घबरा गए। प्रभारी अधीक्षिका का कहना है कि दो बालिकाओं में स्नान करने को लेकर झगड़ा हो गया।
इसके बाद एक बालिका ने आत्महत्या का प्रयास किया। तत्काल दोनों बालिकाओं को समझा-बुझाकर स्थिति सामान्य की गई। उनका कहना है कि बालिकाओं की संख्या क्षमता से अधिक है। इससे व्यवस्था बिगड़ रही है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कुछ समय के लिए नई बालिकाओं को बाल गृह में न रखे जाने का अनुरोध किया गया है। प्रभारी अधीक्षिक ने समिति को लिखे पत्र में बताया कि बालगृह में मैनपुरी की पूजा (15) और लेहचूरा, झांसी की ज्योति के बीच हुआ था।
इस वक्त बाल गृह में 119 बालिकाएं निरुद्ध हैं जबकि क्षमता सौ की है। संस्था में शौचालय और स्नानागार की कमी है। आवासीय कमरों की भी कमी है और स्टाफ अपर्याप्त है। संस्था की सुरक्षा और सामान्य व्यवस्था भी प्रभावित रहती है। इससे अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। 119 बालिकाओं में 12 मानसिक रूप से कमजोर हैं, दो गर्भवती हैं और 39 बालिकाएं पास्को और आईपीसी की धाराओं के अंतर्गत निरुद्ध हैं।