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कोचिंग के लिए निकली छात्रा की लाश बिना कपड़ों के रेलवे ट्रैक पर मिली, सपा कर रही हत्याकांड की जांच

Sat, 16 Nov 2019 12:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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छात्रा हत्याकांड की जांच करने पहुंची सपा की टीम - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर आई पांच सदस्यीय टीम ने छात्रा हत्याकांड के सभी पहलुओं की छानबीन की। सीओ कायमगंज व एसओ से घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। छात्रा के माता पिता को निष्पक्ष जांच न होने पर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन का भरोसा दिया। कहा कि दोनों सदनों में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। 
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कोचिंग के लिए निकली थाना क्षेत्र निवासी छात्रा का शव 14 अक्तूबर को किसरौली गांव के पास रेलवे ट्रैक पा वस्त्रविहीन हालत में पड़ा मिला था। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर पुत्री की हत्या में शक जाहिर कर प्रार्थना पत्र दिया था। रिपोर्ट दर्ज न करने पर तत्कालीन एसओ रामबाबू को निलंबित कर दिया गया था। एसओ जेएल सोनकर व सीओ कायमगंज अवनीश कुमार ने कई चक्रों में आरोपियों से पूछताछ की थी।

 

लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर डेमो करने के बाद अपनी आख्या में आत्महत्या की बात कही। इसके बाद पीड़ित माता पिता को लेकर ब्लाक प्रमुख राजेपुर सुबोध यादव ने सपा के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले। पूर्व मुख्यमंत्री ने मामले में जांच के लिए बाल संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष जूही सिंह, कन्नौज सदर विधायक अनिल दोहरे, एमएलसी उदयवीर सिंह, अमित यादव, लीलावती की टीम गठित की। 

टीम शुक्रवार को छात्रा के माता पिता से उनके घर पर मिली और पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। टीम ने कायमगंज सीओ अवनीश कुमार व एसाओ जेएल सोनकर से बंद कमरे में 40 मिनट तक वार्ता कर घटना की पूरी जानकारी एकत्र की। इसके बाद टीम की प्रभारी जूही सिंह ने परिजनों को भरोसा दिया कि निष्पक्ष जांच न होने पर सपाई सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।

 
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जिला कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में जूही सिंह ने कहा कि शमसाबाद में मानवता तार-तार हुई है। परिवार और उन्हें भी पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। इसकी जांच सीबीआई अथवा एसआईटी से होनी चाहिए। मामला दोनों सदनों में उठाया जाएगा। अभी तक पीड़ित के घर सत्तापक्ष का कोई नेता नहीं गया। इसके पीछे कोई तो कारण है।

बेटियों संग अत्याचार हो रहा है। रिपोर्ट पार्टी मुखिया को सौंपेंगी। उनके निर्देशन में सीबीआई, एसआईटी जांच की मांग की जाएगी। निवर्तमान जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, निवर्तमान महासचिव मंदीप यादव, राजेपुर ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव, सचिन सिंह यादव, जितेंद्र यादव, अरुण यादव, सलमान यादव, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे।
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