कानपुर: असम में तैनात आरपीएफ के एक सिपाही की दोस्ती फेसबुक पर राजस्थान में नौकरी करने वाली एक लड़की से होती है। दोनों के बीच नंबरों का आदान प्रदान होता है। फिर मोबाइल पर बात शुरु हो जाती है। तीन महीने की बातचीत के बाद दोनों शादी का फैसला करते हैं और कोर्ट मैरिज कर लेते हैं। शादी के तीन महीने बाद ही लड़की ने मंगलवार रात फांसी लगाकर जान दे दी।
मूलरूप से सजेती दौलतपुर निवासी संघप्रिय (27) असम में आरपीएफ सिपाही है। फेसबुक पर संघप्रिय की दोस्ती सात माह पूर्व पुखरायां निवासी नीलम (21) से हुई। नीलम राजस्थान में एक निजी कंपनी में जॉब कर रही थी। बात करते करते दोनों को प्यार हो गया। आपसी सहमति से दोनों ने 11 जुलाई 2018 को कानपुर में कोर्ट मैरिज कर ली। शादी में दोनों पक्षों से कोई भी शामिल नहीं हुआ था। शादी के बाद नीलम अपनी जॉब छोड़कर मौसेरी ननद के साथ कल्याणपुर रोड शिव बिहार स्थित एक मकान में किराए पर कमरा लेकर रहने लगी।
डेमो पिक
मौसेरी ननद ने बताया शादी के लिए संघप्रिय तीन दिनों के लिए कानपुर आया था। इसके बाद वह फिर असम चला गया। सितंबर में संघप्रिय एक दिन के लिए नीलम के पास रुका और फिर अपने गांव चला गया। इसके बाद दोनों की सिर्फ मोबाइल पर ही बात हुई। मंगलवार रात नीलम ने पंखे पर दुपट्टे से फंदा लगा लिया। फारेंसिक टीम के डॉ पीके श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्लियर सुसाइड निकला है।
शादी में नहीं हुआ था कोई शामिल
संघप्रिय के दो भाई गुलशन और अमरजीत हैं। मां सरला देवी के साथ दोनो भाई सजेती दौलतपुर में रहते हैं। लड़के के पिता का कुछ साल पूर्व निधन हो गया था। नीलम के दो भाई और एक बहन है। मां विमला देवी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती है। जब 11 जुलाई को दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी तो उसमे दोनों परिवारों से कोई भी शामिल नहीं हुआ था। कोर्ट मैरिज में लगने वाले दो गवाह भी संघप्रिय के दोस्त बने थे।
डेमो पिक
लड़की के परिजनों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
मां विमला देवी ने बेटी के पति संघप्रिय, ननद, देवर गुलशन और मां सरला देवी पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। विमला देवी ने बताया कि संघप्रिय दो लाख रुपये के लिए नीलम को मारता पीटता था। कल्याणपुर इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोनों लोगों के कॉल रिकॉर्ड चेक किए जाएंगे। अभी तक सुसाइड का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
लव अफेयर के दौरान लड़का-लड़की एक दूसरे को बेस्ट समझते हैं। उन्हें नहीं पता होता कि शादी से सिर्फ दो लोग नहीं, बल्कि दो परिवार जुड़े होते हैं। लव मैरिज एक वन वे ट्रैफिक होता है। इसमें अगर लड़ाई होती हैै तो कोई समझाने वाला नहीं होता है। ऐसे में लड़का-लड़की को कोई रास्ता नहीं नजर आता है। कई बार मन में आता है क्या मैं मर जाऊं। ऐसे में जो सक्षम लड़कियां होती हैं वो अपना माइंड डाइवर्ट करती हैं। जो परिवार के पास मदद के लिए नहीं जा सकती वो डिप्रेशन में जाने लगती हैं। कभी-कभी सुसाइड जैसे कदम उठा लेती हैं।
डॉ उन्नति कुमार, मनोचिकित्सक