छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) और उससे संबद्ध डिग्री कॉलेजों में अब बीएससी प्रथम और द्वितीय वर्ष के प्रैक्टिकल में नंबर नहीं बल्कि ग्रेड दिया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा जब नंबर के बजाय ग्रेड मिलेंगे। प्रैक्टिकल में नंबरों की हेराफेरी की शिकायतों के चलते रविवार को यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह फैसला लिया गया है।
औपचारिक मंजूरी के लिए प्रस्ताव को एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही यह व्यवस्था इसी सत्र (2015-16) से लागू कर दी जाएगी। बैठक में बीएड और एमएड के नए कोर्सों को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई अब सेमेस्टर सिस्टम से होगी। पढ़ाई को चार सेमेस्टर में बांटा गया है। छह महीने का एक सेमेस्टर होगा, जिसके बाद परीक्षा होगी।
बीएससी प्रथम और द्वितीय वर्ष में फिजिक्स, केमिस्ट्री, जुलोजी और बॉटनी के प्रैक्टिकल होते हैं। अभी तक इन प्रैक्टिकलों में नंबर देने की व्यवस्था थी लेकिन अब ग्रेड दिया जाएगा। हालांकि बीएससी तृतीय वर्ष में नंबर ही मिलेंगे। पहले और दूसरे साल के प्रैक्टिकल ग्रेड को फाइनल ईयर के नंबरों में नहीं जोड़ा जाएगा।
प्रथम और द्वितीय वर्ष की थ्योरी के नंबर, तीसरे साल की थ्योरी और प्रैक्टिकल के नंबर जोड़े जाएंगे। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता में हुई बैठक में थीसिस जमा करने से वंचित 67 स्टूडेंटों की थीसिस जल्द जमा कराने पर भी फैसला लिया गया।