कोल्ड स्टोरेज मालिकों की मानें तो मिल में आलू रखने वाले कई किसान अपनी उपज के मूल्य के बराबर फसल बोने के लिए ऋण भी लेते हैं
कानपुर बिल्हौर क्षेत्र के 50 से अधिक कोल्ड स्टोरेज में रखा हजारों टन आलू सड़ने के कगार पर है। नोटबंदी व बाजार में पुराने आलू की मांग न होने से किसान इनकी उठान नहीं कर रहे। किसानों द्वारा आलू न उठाने पर कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने कानपुर नगर और आसपास के जिलों के गरीबों, स्वयं सेवी संस्थाओं सहित बेटियों की शादी में जरूरतमंदों को मुफ्त में आलू देने की घोषणा कर दी है। इसके लिए शादी का कार्ड देखा जाएगा और कुछ जरूरी पूछताछ भी की जाएगी।
शिवराजपुर से अरौल गांगूपुर तक आलू बेल्ट है। क्षेत्र में 50 से अधिक कोल्ड स्टोर हैं। नोटबंदी के बाद आलू कारोबार को लगे झटके से कोल्ड स्टोरेज संचालक सकते में हैं। आलू सड़ने और फेंकने की नौबत है। आलू मिल मालिक देवेंद्र कटियार ने बताया कि नोटबंदी से किसान, व्यापारी ही नहीं बल्कि कोल्ड स्टोरेज मालिकों को भी भारी नुकसान हुआ है। कोल्ड स्टोरेज में जो आलू रखा है, उसको निकलवाने में ही लाखों खर्च करना पड़ेगा। इसलिए कोई गरीब व्यक्ति, स्वयंसेवी संस्था, बेटी के विवाह के लिए लोग उनकी सभी मिलों में आकर फ्री में आलू की बोरी ले जा सकता है। आलू के जरूरतमंद लोग 9936891378 पर संपर्क कर सकते हैं। इसी तरह कोल्ड स्टोरेज के मालिक सचिन कटियार ने डंप आलू को मुफ्त में ले जाने की अपील गरीबों और असहाय लोगों से की है। कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं मोबाइल नंबर 9415125271 पर संपर्क कर फ्री में आलू ले सकते हैं। इसी तरह बिल्हौर ब्लाक प्रमुख अनिल कटियार ने बताया कि उनके पास करीब सात हजार पैकेट आलू है। कोई भी जरूरतमंद मोबाइल नंबर 8052494949 पर संपर्क कर निशुल्क आलू ले सकता है। एक पैकेट में 40 किलो आलू होता है। कोल्ड स्टोरेज मालिकों की मानें तो मिल में आलू रखने वाले कई किसान अपनी उपज के मूल्य के बराबर फसल बोने के लिए ऋण भी लेते हैं, लेकिन आलू की मंडी टूट जाने से ऋण के रूप में दिया गया पैसा भी मारा जाएगा।