भारतीय उत्पादों को जर्मनी के बाजार में बेचना अब आसान होगा। उत्पादों के क्वालिटी प्रमाणपत्र से लेकर तरह तरह के प्रपत्रों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जर्मनी में कोई भी प्रोडक्ट बेचने के लिए अब रिनलैंड समूह की कंपनी टीयूवी रिनलैंड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का प्रमाणपत्र ही पर्याप्त होगा। इसके लिए फेडरेशन ऑफ इंडियन आर्गेनाइजेशन (फीओ) ने जर्मनी में मानक जांचने के लिए अधिकृत कंपनी रिनलैंड से बहुपक्षीय समझौता किया है।
प्रतिस्पर्धा वाले देश भारतीय निर्यातकों से उत्पाद को खरा साबित करने के लिए तमाम तरह के प्रमाणपत्र मांगते हैं। उत्पाद की क्वालिटी, जांच का स्तर, मूल्यांकन की प्रमाणिकता, उत्पाद एवं उपभोक्ता की सुरक्षा, पर्यावरण के बिंदु पर कई बार यहां के उत्पादों को खारिज भी किया जाता है। इससे सुचारु निर्यात में रुकावटें बढ़ती जा रही थीं।
इस बात को ध्यान में रखते हुए फीओ ने अपने सदस्यों के लिए उक्त कंपनी से समझौता किया है। रिनलैंड समूह की दिल्ली स्थित कंपनी अब उत्पादों का स्तर बढ़ाने, मूल्यांकन को प्रमाणित करने, निर्यातक देश की जरूरतों और वहां के नियम-कानूनों का पालन कराने की जिम्मेदारी उठाएगी।
यह कंपनी प्रत्येक उत्पाद को एक प्रमाणपत्र देगी, इसके बाद जर्मनी में सामान बेचने के लिए किसी भी तरह के अन्य प्रपत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ये होता है एक्सपोर्ट
चमड़ा उत्पाद, (जूते, बैग, बेल्ट, जैकेट और सेडलरी आइटम) टेक्सटाइल, ज्वैलरी, कारपेट, हैंडीक्रॉफ्ट आदि
निर्यातक में जारी लगातार गिरावट को देखते हुए ये कदम उठाए गए हैं। इससे देश के निर्यातकों बड़ी राहत मिलेगी।-अजय सहाय, महानिदेशक, फिओ