कानपुर देहात। जिले की दो पालिका समेत सात नगर पंचायतों से निकलने वाले कूड़ा निस्तारण के लिए 3.1 करोड़ रुपये से अधिक की लगात से एमआरएफ (मार्जिनल रिकवरी फैसलिटी) सेंटर बनाए जाएंगे। जमीन चिह्नित कर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
नगर निकायों में कूड़ा निस्तारण को लेकर बड़ी समस्या बनी हुई है। जिले की दो नगर पालिका झींझक व पुखरायां समेत नगर पंचायत अकबरपुर, डेरापुर, रसूलाबाद, शिवली, सिकंदरा, अमरौधा, व रूरा कूड़ा डंपिंग स्थल न होने से समस्या रहती है। ऐसे में घरों से निकलने वाले कूड़े को कर्मी सार्वजनिक खुले स्थानों पर ही फेंक देते हैं। इससे उठने वाली सड़ांध लोगों को परेशान करती है और संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। कई बार डंप कूूड़े को आग के हवाले कर दिया जाता है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। समस्या का निराकरण करने के सभी नगर निकायों में एमआरएफ सेंटर बनाए जाएंगे।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रति सेंटर का निर्माण 33 लाख 50 हजार रुपये की लागत से कराया जाएगा। इसे तीन महीने में पूरा करा लिया जाएगा। निर्माण कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि एमआरएफ सेंटर बनने के बाद निकायों से निकलने वाला कूड़ा वहां पर डंप किया जाएगा। फिर सूखे व गीले कूड़े को मशीनों के जरिये अलग-अलग कर निस्तारित किया जाएगा। सेंटर बनने से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने जैसी घटनाओं पर भी विराम लगेगा।
डीएम ने बताया कि एमआरएफ सेंटर निर्माण के लिए नगर पालिका झींझक व पुखरायां समेत नगर पंचायत अकबरपुर, शिवली, रसूलाबाद, शिवली, अमरौधा व सिकंदरा में भूमि चिंहित कर ली गई है, लेकिन रूरा नगर पंचायत में प र्याप्त जगह नहीं मिली है। इसके चलते रूरा में एमआरएफ सेंटर निर्माण कार्य कुछ देरी से शुरू हो पाएगा। नगर पंचायत अधिकारियों को जल्द जमीन तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं।