हावड़ा से गांधीधाम (गुजरात) जा रही गरबा एक्सप्रेस हॉट बॉक्स डिटेक्टर (एचबीडी) की वजह से दुर्घटनाग्रस्त होने से बची। चुनार (मिर्जापुर) स्टेशन पर लगी इस डिवाइस भांप लिया कि पहिये में लगा एक्सेल गर्म हो रहा है। इसके बाद ट्रेन को धीमी गति से कानपुर सेंट्रल लाकर संबंधित कोच को बदला गया। ऐसा न किया जाता तो पहिया टूट सकता था। सेंट्रल आने के करीब सवा दो घंटे बाद ट्रेन को 12 बजे रवाना किया गया।
चुनार में एक्सेल गरम होने की जानकारी के बाद मेकैनिकल विभाग के एक सुपरवाइजर के साथ ट्रेन को रवाना किया गया। इलाहाबाद में कुंभ की तैयारियों के चलते ट्रेन को रोकना उचित नहीं समझा गया। धीमी गति से ट्रेन को सेंट्रल स्टेशन पर लाया गया। मंगलवार रात 9:43 बजे ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर आई। यहां मैकेनिकल विभाग के इंजीनियरों ने जांच की। तय हुआ कि इस कोच को बदल देना बेहतर होगा। इस पर कोच बदलकर ट्रेन को रात 12 बजे रवाना किया गया। करीब सवा दो घंटे तक प्लेटफार्म नंबर पर एक पर ट्रेन खड़ी रहने की वजह से श्रमशक्ति एक्सप्रेस को चार नंबर से चलाया गया।