रसूलाबाद। पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक चलने वाले गजानन महोत्सव का समापन शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ हुआ। कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा निकाली। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू आ जाना’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
रसूलाबाद में 14 स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। कस्बे के प्रसिद्ध सिद्धपीठ शिव मंदिर धर्मगढ़ बाबा परिसर में गणेश चतुर्थी से चल रहे गजानन महोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी को हुआ। समापन अवसर पर गणपति देवता का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद मंदिर परिसर से विसर्जन यात्रा शुरू हुई। यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर मिंडा कुआं स्थित रिंद नदी पुल पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने अंतिम पूजन कर गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया। ग्राम पंचायत जोत में भी नौ दिवसीय गजानन महोत्सव के समापन पर गणेश प्रतिमा की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई।
इसी क्रम में सुभाष नगर में दो स्थानों, केशव नगर में तीन स्थानों तथा आजाद नगर, गांधी नगर, गौतम बुद्ध नगर और निराला नगर आदि मोहल्लों से भी गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। सभी यात्राएं मिंडा कुआं पहुंचों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से प्रतिमाओं का विसर्जन किया। विसर्जन यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु नाचते-गाते और गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ भगवान गणेश के विदा होने की भावुकता भी दिखाई दी। यहां मुरारी लाल कुशवाहा, संजय मिश्रा, रामू गुप्ता, आनंद द्विवेदी, घनश्याम शुक्ला, बल्लू शुक्ला आदि मौजूद रहे।