कानपुर के नौबस्ता में पिछले कुछ महीनाें से लुटेरा एक गैंग सक्रीय था। इस गैंग ने लूट करने का एक अनाेखा तरीका इजाद किया था। यह गैंग ऑटो ड्राइवर बनकर सवारियों को पहले अाॅटाे में बैठाता था फिर सूनसान इलाके में लेजाकर उन्हें लूट लेता था। रविवार काे गैंग ने एक मां बेटी काे लूटने की याेजना बनाई पर उन्हें मुंह की खानी पड़ी।
नौबस्ता पुलिस मां-बेटी की बहादुरी की वजह से लुटेरों का एक गैंग पकड़ने में कामयाब हो गई। यह गैंग ऑटों में सवारियों को बैठाकर लूटता था। इसके बाद लूटे गए जेवरों को एक सराफ को बेच दिया जाता था। पुलिस ने लुटेरों और सराफ को पकड़ लिया है।
पुखरायां निवासी अवध किशोर मिश्रा की बेटी शिखा शिक्षिका हैं। मंगलवार को शिखा अपनी मां विजयलक्ष्मी के साथ बसंत विहार निवासी चचेरी बहन की शादी में जा रहीं थीं। दोनों ऑटो में बैठी थीं, तभी तीन और युवक आकर ऑटो में बैठ गए।
धोबिन पुलिया के पास चालक और उसके तीनों साथियों ने शिखा और उसकी मां को धमकाते हुए बैग लूटने का प्रयास किया था। इस पर मां-बेटी लुटेरों से भिड़ गई थीं। उन्होंने ऑटो चालक और उसके एक साथी को पकड़ लिया था और शोर मचा दिया था। इस पर भीड़ इकट्ठा हो गई।
लोगों ने लुटेराें को पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। इस बीच चालक के दो लुटेरे साथी जेवर से भरा बैग लेकर भाग गए थे। पकड़े गए दोनों बदमाशों ने पूछताछ में अपने साथियों के बारे में बता दिया। जिसके बाद पुलिस ने जहानाबाद से दोनों लुटेरों को दबोच लिया।
इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी ने बताया कि कर्रवाही निवासी गोलू कछवाहा, गल्ला मंडी का हरिलाल, धरमपुर जहानाबाद के सुभाष और जुगल को पकड़ा गया है। गोलू ऑटो चलाता था। वह कम किराया बताकर सवारियों को बैठाता था। इसके बाद वह सुनसान जगह पर ऑटो रोककर साथियों की मदद से लूट लेता था।