पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। रूरा, कानपुर देहात के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी आठवीं की छात्रा थी। 13 नवंबर की शाम गांव निवासी तीन युवक रिंकू, लाला व सनी ने उसको अगवा कर लिया। दो दिन तक बेहोशी की हालत में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। फिर 16 नवंबर की शाम बदहवास हालत में उसे उसके घर के पास छोड़ दिया।
जब पीड़िता घर पहुंची तो उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद रूरा पुलिस ने तीनों के खिलाफ पॉक्सो, अपहरण व बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म की धारा में एफआईआर दर्ज की। लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। एक भी आरोपी गिरफ्तारी नहीं की। आरोपी सरेआम घूमते रहे और पीड़िता पर ताने मारते रहे। परिजनों के मुताबिक आरोपियों से तंग आकर उन्होंने 29 नवंबर को किशोरी को उसकी चचेरी बहन के पास चौबेपुर स्थित एक गांव में भेज दिया था। तब से वह वहीं रह रही थी।
शुक्रवार शाम किशोरी की चचेरी बहन व अन्य परिजन शिवली बाजार गए थे। रात को जब वह घर लौटे तो देखा कि कमरे में पीड़िता का शव फंदे से झूल रहा था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। चौबेपुर एसओ राकेश कुमार मौर्य ने बताया कि शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। रूरा पुलिस को इस संबंध में चौबेपुर पुलिस ने जानकारी दी। उसके बाद रूरा पुलिस ने आरोपी लाला व सनी को गिरफ्तार कर लिया जबकि रिंकू फरार है।
पहले बहला-फुसलाकर किशोरी को ले जाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। मजिस्ट्रेट के बयान के बाद सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो व बंधक बनाने की धारा में एफआईआर तरमीम की गई। दो आरोपियों की गिरफ्तार हो चुकी है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
अनुराग वत्स, एसपी, कानपुर देहात