अगर आप के पास एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) में नौकरी का कॉल लेटर आए तो सावधान हो जाएं। सोमवार को कानपुर के गोविंदनगर थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला सामने आने पर पुलिस ने एफसीआई से संपर्क करने के बाद अलर्ट जारी किया है।
पुलिस के अनुसार एफसीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर सिर्फ शहर में ही 1000 से अधिक लोगों को फर्जी कॉल लेटर बांटे गए हैं। गिरोह पीड़ितों से सिक्योरिटी मनी के नाम पर हजारों रुपये भी ऐंठ चुका है। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
गोविंदनगर थाना क्षेत्र के दबौली गांव निवासी राहुल संखवार पुत्र रामलाल ने पुलिस को बताया कि वह चुन्नीगंज स्थित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। चार अक्टूबर को डाक के जरिए एफसीआई में नौकरी का लेटर मिला था। इसमें दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर सिक्योरिटी मनी के नाम पर 8500 रुपये 12 घंटे में जमा कराने के लिए कहा गया।
इस पर पीड़ित ने पनकी स्थित पीएनबी में बताए गए अकाउंट में रुपये जमा कर दिए। लेटर में दी गई जानकारी के मुताबिक रुपये जमा करते ही नौकरी पक्की होने का मैसेज आना था। ऐसा न होने पर उसे शक हुआ। पांच अक्तूबर को लाल इमली स्थित एफसीआई के ऑफिस पहुंचने पर अफसर ने कॉल लेटर को फर्जी बताया। यहीं से पता चला कि ठगी के लिए करीब 1000 से अधिक लेटर युवाओं को बांटे गए हैं।
ऐसे पकड़ में आया टप्पेबाज
पीड़ित के अनुसार चार अक्तूबर को खाते में रुपये जमा करने के बाद दूसरे दिन लैपटॉप मुहैया कराने के नाम पर फोन पर 19 हजार रुपये और मांगे गए। एफसीआई से फर्जीवाड़े का पता चलने पर टप्पेबाज को पैसे देने के बहाने घर बुलाया। सोमवार को फर्जी आईडी के साथ घर पहुंचे युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़ित के अनुसार कॉल लेटर के पेपर की क्वालिटी, छपाई, स्टैंप व अधिकारी के हस्ताक्षर इतने साफ थे कि उसे देख कर कोई भी धोखा खा सकता था।
एफसीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला संदिग्ध हिरासत में लिया गया है। बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी के नाम पर फर्जी कॉल लेटर बांटने की सूचना मिली है। जांच के बाद बड़े गिरोह का खुलासा किया जा सकता है। फिलहाल युवाओं को सावधान रहने की जरूरत है। - चक्रेश मिश्रा, सीओ गोविंदनगर